पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का सरकार पर हमला
मध्यप्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेष के हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि क्या हालत हो गई प्रदेष की ?हमने तो ऐसा प्रदेष नहीं सौंपा था?
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राज्य अशोक नगर में 5 रुपए की पर्ची न कटवाने पर पर इलाज के अभाव में हुई मौत पर चिंता जाते हुए टवीट किया कि क्या हालत हो गयी प्रदेश की? हमने तो ऐसा प्रदेश नहीं सौंपा था? आप विधायकों की खरीद फरोख््त करते रहो, खुली बोलियां लगाते रहो, वही प्रदेश के गुना में जिला अस्पताल के सामने अशोक नगर निवासी एक महिला अपने ढाई साल के बच्चे के साथ अपने पति के इलाज के लिए दिन भर गुहार लगाती रही। उन्होंने लिखा कि 5 रुपए नहीं होने पर उसका इलाज का पर्चा नहीं बनाया गया और उसका इलाज नहीं किया गया और उसकी आंखों के सामने ही उसके पति ने तड़प- तड़प कर दम तोड़ दिया। यह है प्रदेश कि स्वास्थ्य सेवाएँ, शिवराज सरकार में प्रदेश की स्थिति ? दावे बड़े- बड़े लेकिन धरातल पर स्थिति जीरो।
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि खुद को मामा बताने वाले व खुद को बड़ा जनसेवक बताने वाले आंख खोलकर देखे यह सच्चाई , प्रदेशवासियों को झूठे हवाई सपने दिखाना बंद करे , जमीन पर लौट आये , प्रदेश को वापस गर्त में ना ले जाए, प्रदेश के गरीब वर्ग की चिंता करे, उन्हें कम से कम इलाज तो उपलब्ध कराएं।
नकुल ने भी बोला हमला
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ ने भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने टवीट कर लिखा कि प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना काल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओ को लेकर किये जा रहे बड़े-बड़े दावे की जमीनी हकीकत जनता के सामने है। मैं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से पूछना चाहता हूँ कि ये कैसी व्यवस्था है? उन्होंने लिखा कि आपके गृह जिले रायसेन के क्वारंटाइन सेंटर में कोरोना पीड़ित मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में इल्लियां निकल रही हैं। प्रदेश सरकार दोषियों पर कर्यवाही करने की बजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। सांसद ने लिखा है कि जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के जिले की यह स्तिथि है तो संपूर्ण प्रदेश में क्या हाल होगा अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ते जा रहा है और प्रदेश सरकार इसपर ध्यान देने की जगह चुनावी तैयारियों में व्यस्त है। जनता त्रस्त, सरकार मस्त।
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