मध्यप्रदेष विधानसभा के मानसून सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ही नेता प्रतिपक्ष होंगे। यह सत्र 20 जुलाई से षुरु हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार को सदन में घेरने की योजना बना रही है। प्रदेश में किसानों पर अत्याचार, बढ़ते अपराध, पेट्रोल डीजल के दाम, मंडी कानून में संशोधन जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
मध्यप्रदेष कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह जानकारी आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी। पटवारी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ही विधानसभा के मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष होंगे।पटवारी ने सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है, लेकिन एक महाशय पिछले 90 दिनों से कोरोना को लेकर घर में थे। उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए कि किसानों के फसल के पैसे कब दिए जाएंगे?
पटवारी ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार के सत्ता मेंआते ही प्रदेशभर में किसानों की आत्महत्या का दौर वापस चालू हो गया है। उन्होंने कहा, किसानों के फसल के पैसे नहीं दिए गए हैं, लेकिन सिंधिया समर्थकों को मलाईदार विभाग दी गयी है। वे मलाईदार विभाग क्यों लिए हैं ? उन्हें पता है कि एक महीने के लिए मंत्री बनाए गए हैं क्योंकि विधानसभा चुनाव वह निश्चित हारेंगे। इसलिए इस दौरान वह मलाईदार विभागों से पैसा कमाना चाहते हैं। कांग्रेस सभी विभागों पर नजर रखेगी और कुछ गड़बड़ होती है तो हम इसके खिलाफ लड़ेंगे।
एक एक मंत्री पर नजर रखेगी कांग्रेस
पटवारी ने कहा कि सिंधिया समर्थकों को शिवराज सिंह चैहान ने महत्वपूर्ण विभाग दिए हैं, ताकि ये लोग भ्रष्टाचार कर सकें, लेकिन शिवराज के इन मंत्रियों पर कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों और विधायकों की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर इन मंत्रियों के विभागों में भ्रष्टाचार होता है, तो उसका कांग्रेस खुलासा जरुर करेगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा ने सिंधिया के साथ मिलकर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिरा दी। लेकिन पिछले चार महीने से मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के वितरण में मलाईदार विभागों पर लगातार झगड़ा चल रहा था, उससे साफ है कि शिवराज सरकार में जनता की सेवा और प्रदेश की समृद्धि पर ध्यान न देकर भ्रष्टाचार ध्यान दिया जाएगा।
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