बुधवार, 29 जुलाई 2020

कांग्रेस प्रमुख को चिट्ठी लिखें दिग्विजय


जवाब नहीं मिले तो भाजपा करेगी मार्गदर्शन
दल बदल कानून को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा राश्टपति को चिट्ठी लिखे जाने पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस प्रमुख को चिट्ठी लिखना चाहिए, अगर वहां से कोई जवाब नहीं मिला तो भाजपा उनका मार्गदर्शन करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दल बदल कानून को लेकर राश्टपति और भाजपा नेताओं को चिट्ठी लिखे जाने को लेकर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को चिट्ठी लिखने के बजाय उन्हें अपनी ही पार्टी की मुखिया को चिट्ठी लिखनी चाहिए।  सिंह पहले अपनी पार्टी की समीक्षा करें कि वहां पर कितनी गड़बड़ है। जवाब न मिले तो भाजपा को याद करें, हम उनका मार्गदर्शन करेंगे। मिश्रा ने कहा कि दल बदल पर कांग्रेस अध्यक्ष बेहतर जवाब दे पाएंगी, देश में सर्वाधिक लोगों को दल बदल कांग्रेस सरकारों ने ही करवाया है, इसकी सूची उन्हें देना चाहिए। सर्वाधिक सरकारें दल बदल करवाकर कांग्रेस ने ही गिराई है। इसलिए कांग्रेस नेताओं को इस मामले में बीजेपी से सवाल पूछने का कोई हक नहीं है।
राफेल आने से तीन जगह मायूसी
गृह मंत्री ने कहा कि  हिंदुस्तान का आसमान राफेल की गर्जना से गूंजेगा और देश का सम्मान बढ़ेगा, लेकिन राफेल के आने से तीन जगह मायूसी छाएगी। पाकिस्तान, चीन और जो लोग सुबह से ही ट्वीट करने में लग जाते हैं। मिश्रा का इशारा दिग्विजय सिंह की ओर था। गौरतलब है कि दिग्विजय ंिसह ने राफेल को लेकर टवीट कर कहा था कि  अब तो राफेल की कीमत सरकार को बतानी चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने यह लिखा पत्र में
 मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि दल-बदल के दलदल से बचाएं रखने के लिए जरूरी है कि 1985 और 2003 में हुए संविधान संशोधन में बदलाव किया जाए। दिग्विजय सिंह ने लोकतांत्रिक परंपराओं को जीवंत रखने के लिए दल-बदल के मामलों में सख्त कानून बनाए जाकर ऐसे दलबदलू जन प्रतिनिधियों को 6 साल के लिए किसी भी तरह के चुनाव लड़ने से रोक लगाने का अनुरोध किया है। अपने पत्र में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, अरुणाचल, गोवा राज्यों का जिक्र किया है. दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि दलबदल की आग से झुलसने वाले राज्यों में यह सभी राज्य शामिल हैं, जो हमारे सामने दल-बदल मामले के सबसे ज्वलंत उदाहरण हैं, जिस पर नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है।

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