गुरुवार, 2 जुलाई 2020

शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार, दिखा सिंधिया का दबदबा


12 मंत्री बने जो विधायक नहीं हैं, भाजपा के 7 पुराने और 9 नए चेहरों को बनाया मंत्री

सत्ता मंे आने के सौ दिन बाद आज राजभवन में शिवराज सिंह चैहान ने अपना पहला मंत्रिमंडल विस्तार करते हुए 28 मंत्रियों को ष्षपथ दिलवाई। मंत्रियों को प्रदेष की प्रभारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 20 मंत्रियों को कैबिनेट और 8 मंत्रियों को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया का दबदबा साफ नजर आया है। वे अपने 9 समर्थकों को मंत्री बनाने में सफल रहे हैं। इसके अलावा कांगे्रस से आए 3 नेताओं को भी मंत्री बनाया गया, जबकि भाजपा के 7 पुराने और 9 नए चेहरों को भी मंत्री बनाया गयाहै।
सियासी उठापटक के बीच आज आखिरकार मुख्यमंत्री षिवराजसिंह चैहान अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने में सफल रहे। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के 14 मंत्रियों के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया के 9 समर्थकों और 3 कांग्रेस ने आए पूर्व विधायकों को शपथ दिलाई गई। भाजपा में कई पूर्व मंत्रियों को मंत्री नहीं बनाया गया है, तो वरिष्ठ विधायक भी मंत्रिमंडल में ष्षामिल न किए जाने से नाराज हैं। वहीं सिंधिया का दबदबा मंत्रिमंडल पर साफ नजर आया। वे अपने 9 और 3 कांग्रेस से आए नेताओं को मंत्री बनाने में सफल रहे हैं।  शपथ ग्रहण  समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, भाजपा के वरिष्ठ नेता सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी शामिल रहें।
गौरतलब हे कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिरने के बाद मार्च में भाजपा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के नेतृत्व में चौथी बार सरकार बनाई थी। शिवराज ने 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर रिकार्ड 29 दिन अकेले सरकार चलाई और उसके बाद 21 अप्रैल को पांच मंत्रियों को शपथ दिलाकर अपने मिनी कैबिनेट का गठन किया। तभी से मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलें शुरू हो गई थीं। इन पर आज गुरुवार को विराम लग गया है। शिवराज मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल का विस्तार अब हो गया है। इससे प्रदेश के लोगों में सरकार के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।
बिगड़ा क्षेत्रीय संतुलन
शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ गया है। ग्वालियर चंबल अंचल का  दबदबा साफ नजर आया, जबकि महाकौषल, विंध्य और मध्यक्षेत्र को पर्याप्त स्थान नहीं मिला है।
पहल अवसर जब गैर विधायकों ने ली ष्षपथ
प्रदेष के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब एक साथ   एक दर्जन मंत्रियों ने विधायक न रहते हुए मंत्रिपद की ष्षपथ ली। ये सभी सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक थे। इसके पहले तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत भी बिना विधायक रहते हुए शपथ ले चुके हैं।  
भाजपा के पुराने चेहरे
गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, बृजेंद्र प्रताप सिंह, विश्वास सारंग।
नए चेहरे जिन्हें दिलाई शपथ
 प्रेम सिंह पटेल, इंदर सिंह परमार, उषा ठाकुर, ओम प्रकाश सकलेचा, भारत सिंह कुशवाह, रामकिशोर कांवरे, मोहन यादव,  अरविंद भदौरिया, राम खिलावन पटेल।


सिंधिया समर्थक जिन्हें बनाया मंत्री

डा, प्रभुराम चैधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर,  इमरती देवी,  महेंद्र सिंह सिसोदिया, राज्यवर्धन सिंह, ओपीएस भदौरिया,  गिर्राज दंडोतिया,  सुरेश धाकड़ (राठखेड़ा), बृजेंद्र सिंह यादव है। इनके अलावा कांग्रेस से आए एंदल सिंह कंसाना, बिसाहुलाल और हरदीप सिंह डंग को भी मंत्री पद की  शपथ दिलाई है।
सोमवार, मंगलवार को भोपाल में रहें मंत्रीः  शिवराज
मंत्रिमंडल गठन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी ली। मंत्रालय पहुंचकर बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य की जनता के हित में पूरे परिश्रम से जुटकर कार्य करने की अपेक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि सप्ताह में सोमवार और मंगलवार को सभी मंत्री विभगीय कार्य करें।  उन्होंने कहा कि मंत्री विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के सुझावों के अनुरूप समन्वय से कार्य करते हुए प्रदेश की जनता का कल्याण सुनिश्चित करें। कोरोना से लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था भी धीरे-धीरे ठीक होगी और मध्यप्रदेश को बदलने में समय नहीं लगेगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव  इकबाल सिंह बैंस ने गत तीन माह में राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी विस्तार पूर्वक दी। 

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