एनकाउंटर पर सियासत, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सपा से था विकास का संबंध, उमा ने उठाए सवाल
मध्यप्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विकास दुबे के एनकाउंटर पर कहा कि कांग्रेस कभी आतंकवादियों पर त्वरित कार्रवाई की है, नहीं कर सकते। कांग्रेस की मानसिकता सेना और पुलिस अधिकारियों कटघरे में खड़ा करने की है। मिश्रा ने कहा कि विकास दुबे का संबंध समाजवादी पार्टी से था। वहीं कांग्रेस ने एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने भी एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए है।
मिश्रा ने विकास दुबे एनकाउंटर पर कांग्रेस द्वारा उठज्ञए गए सवालांे को लेकर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कानून ने अपना काम किया है, अफसोस और मातम की बात उन लोगों के लिए होगी, जो बोल रहे थे कि पकड़ लिया तो जिंदा क्यों पकड़ लिया, आज मर गया, तो बोल रहे हैं मर कैसे गया। कई राज दफन हो गए. ये वही लोग हैं, जो बोल रहे थे दोनों जगह भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि, मध्यप्रदेश पुलिस ने अपना काम किया, पकड़कर यूपी पुलिस को सौंप दिया। मिश्रा ने कहा कि, कभी किसी ने देखा है कि, कांग्रेस ने किसी आतंकवादी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की हो. नहीं कर सकते वो, कांग्रेस की सोच और मानसिकता भी प्रलक्षित होती है। हमेशा सेना और पुलिस अफसरों को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की मानसिकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का कार्य सिर्फ ट्वीट करना बचा हुआ है। उन्हें अब कोई जनसभा में बुलाता नहीं तो वे ट्वीट करके ही अपना कार्य करते हैं। कांग्रेस को अपनी मानसिकता ठीक करना चाहिए। हर चीज पर मातम मनाना ठीक नहीं है।
सारे राज हो गए खत्म
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एनकाउंटर को लेकर सवाल किया है, उन्होंने पूछा है कि, विकास दुबे और पिछले 3-4 दिनों में हुए उसके 2 अन्य साथियों के एनकाउंटर का पैटर्न एक समान क्यों है ? दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि, जिसका शक था वो हो गया. विकास दुबे का किन- किन राजनीतिक, पुलिस और अन्य शासकीय अधिकारियों से संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगा. पिछले 3- 4 दिनों में विकास दुबे के 2 अन्य साथियों का भी एनकाउंटर हुआ है, लेकिन तीनों एनकाउंटर का पैटर्न एक समान क्यों है ? उन्होंने लिखा है कि, श्यह पता लगाना आवश्यक है कि, विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर को सरेंडर के लिए क्यों चुना ? मध्यप्रदेश के कौन से प्रभावशाली व्यक्ति के भरोसे वो यहां उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने आया था ?
उमा ने कहा तीन बातें रहस्य की परत में
पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने विकास दुबे एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आज टवीट कर कहा कि देवेंद्र मिश्र जैसे ईमानदार डीएसपी एवं उनके साथ 8 पुलिस अधिकारी एवं सिपाहियों की निर्मम हत्या करने वाले राक्षस विकास दुबे को मार गिराने के लिए उत्तरप्रदेश पुलिस को बधाई, उत्तरप्रदेश पुलिस की जय हो। अभी भी उसने भाग निकलने की चेष्टा की किंतु वह मार गिराया गया। एक अन्य टवीट में उन्होंने लिखा कि मैं शिवराज सिंह चैहान, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से इस विषय पर बात अवश्य करूंगी, किंतु यह सच्चाई तो सामने आ गई कि भगवान महाकाल ने देवेंद्र मिश्र जैसे ईमानदार पुलिस अधिकारी के हत्यारे का संहार कर दिया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने अपने तीसरे टवीट में लिखा है कि अब तीन बातें रहस्य की परत में हैं-(1) वह उज्जैन तक कैसे पहुंचा? (2) वह महाकाल परिसर में कितनी देर रहा? (3) उसका चेहरा टीवी पर इतना दिखा कि उसे कोई भी पहचान लेता तो उसको पहचाने जाने में इतना समय कैसे लगा?
सीबीआई जांच कराई जाए
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि विकास दुबे से पूछताछ में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली लोगों के नामों का खुलासा ना हो, इसलिए विकास दुबे का एनकाउंटर करा दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि सरेंडर करने वाला आखिर पुलिस पर गोली क्यों चलाएगा। उन्होंने कहा कि विकास दुबे की गिरफ्तारी से लेकर एनकाउंटर तक पूरा मामला ही संदिग्ध है।
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