सपा को बुलाया, कांग्रेस से रखी दूरी
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर कांग्रेस के मौन के बाद अब राज्य के 8 गैर भाजपा दलों ने 30 सितंबर को बैठक बुलाई है. बैठक में ये दल गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति तय करेंगे. इस बैठक में कांग्रेस को नहीं बुलाया गया है.
राज्य में चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन को लेकर लंबे समय से लग रहे कयास अब धीरे-धीरे स्पष्ट होते जा रहे हैं. बसपा द्वारा कांग्रेस को दिए झटके के बाद अब समाजवादी पार्टी सहित 8 गैर भाजपाई दल 30 सितंबर को राजधानी भोपाल में एक बैठक करने वाले हैं. बैठक में लोकतांत्रिक जनता दल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, बहुजन संघर्ष दल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय समानता दल, प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी को बुलाया गया है. बैठक को लेकर लोक क्रांति अभियान के संयोजन गोविंद यादव ने बताया कि संवैधानिक लोकतंत्र बचाने एवं वैकल्पिक राजनीति के लिए आगामी राज्य विधानसभा, लोकसभा चुनावों के मद्देनजर गैर भाजपा दलों का महागठबंधन बनाने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठक 30 सितंबर को यहां बुलाई गई है. बैठक में कांग्रेस को न बुलाए जाने को लेकर यादव ने कहा कि हमारा उद्देश्य हरहाल में भाजपा को रोकना है और हम इसके लिए कांग्रेस के साथ हमेशा सहयोग करने के लिए तैयार हैं. चुनाव से पहले भी और चुनाव के बाद भी. कांग्रेस के साथ बातचीत जारी है. यादव ने बताया कि बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों का महागठबंधन बनाने पर चर्चा की जाएगी और आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी.
यादव ने बताया कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस से पूर्व में कुछ दलों की चर्चा हुई है, मगर कांग्रेस द्वारा अब तक मौन साधे रहने और कोई निर्णय न लेने के कारण हमें यह बैठक करनी पड़ रही है. इस बैठक में सभी 8 दल आपस में चर्चा कर चुनाव में गठबंधन के साथ मैदान में उतरने की रणनीति तय करेंगे. उन्होंने 30 सितंबर के बाद हम इस बात की घोषणा भी कर देंगे कि गठबंधन में कितने गैर भाजपाई दल शामिल हैं.
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर कांग्रेस के मौन के बाद अब राज्य के 8 गैर भाजपा दलों ने 30 सितंबर को बैठक बुलाई है. बैठक में ये दल गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति तय करेंगे. इस बैठक में कांग्रेस को नहीं बुलाया गया है.
राज्य में चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन को लेकर लंबे समय से लग रहे कयास अब धीरे-धीरे स्पष्ट होते जा रहे हैं. बसपा द्वारा कांग्रेस को दिए झटके के बाद अब समाजवादी पार्टी सहित 8 गैर भाजपाई दल 30 सितंबर को राजधानी भोपाल में एक बैठक करने वाले हैं. बैठक में लोकतांत्रिक जनता दल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, बहुजन संघर्ष दल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय समानता दल, प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी को बुलाया गया है. बैठक को लेकर लोक क्रांति अभियान के संयोजन गोविंद यादव ने बताया कि संवैधानिक लोकतंत्र बचाने एवं वैकल्पिक राजनीति के लिए आगामी राज्य विधानसभा, लोकसभा चुनावों के मद्देनजर गैर भाजपा दलों का महागठबंधन बनाने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठक 30 सितंबर को यहां बुलाई गई है. बैठक में कांग्रेस को न बुलाए जाने को लेकर यादव ने कहा कि हमारा उद्देश्य हरहाल में भाजपा को रोकना है और हम इसके लिए कांग्रेस के साथ हमेशा सहयोग करने के लिए तैयार हैं. चुनाव से पहले भी और चुनाव के बाद भी. कांग्रेस के साथ बातचीत जारी है. यादव ने बताया कि बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों का महागठबंधन बनाने पर चर्चा की जाएगी और आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी.
यादव ने बताया कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस से पूर्व में कुछ दलों की चर्चा हुई है, मगर कांग्रेस द्वारा अब तक मौन साधे रहने और कोई निर्णय न लेने के कारण हमें यह बैठक करनी पड़ रही है. इस बैठक में सभी 8 दल आपस में चर्चा कर चुनाव में गठबंधन के साथ मैदान में उतरने की रणनीति तय करेंगे. उन्होंने 30 सितंबर के बाद हम इस बात की घोषणा भी कर देंगे कि गठबंधन में कितने गैर भाजपाई दल शामिल हैं.
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