गुरुवार, 20 सितंबर 2018

दावेदारों के लिए शर्त, एक गाय पालो और टिकट लो

जयस को राहुल पर भरोसा, प्रदेश के नेताओं पर नहीं

मध्यप्रदेश में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने तय किया है कि चुनाव में जिन्हें उम्मीदवार बनाया जाएगा, उन्हें घर पर एक गाय पालनी होगी. साथ ही संघर्ष करने वाले युवाओं को जयस ने टिकट देने का फैसला लिया है. 
मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में उभरे जय आदिवासी युवा (जयस) संगठन ने इस बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने का फैसला लिया और 80 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी. जयस के संरक्षक डा. हीरालाल अलावा की इस घोषणा के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की चिंता भी बढ़ी. जयस का मालवा अंचल के आदिवासी क्षेत्रों में खासा प्रभाव है साथ ही उसके साथ महाकौशल में आदिवासी का नेतृत्व करने वाली गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी गठबंधन कर मैदान में उतरने का वादा कर चुकी है. इस लिहाज से जयस ने दोनों दलों के लिए परेशानी खड़ी कर दी. अपनी घोषणा के तहत जयस ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी है. जयस ने दावेदारों के लिए शर्त भी रखी है. दावेदारों को शर्त के मुताबिक अपने घर पर एक गाय पालना होगी. इसके अलावा उम्मीदवार आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, पलायन, भूखमरी और कुपोषण के अलावा आदिवासियों की समस्याओं को लेकर मैदान में संघर्ष करने वाला हो. जयस अधिकतर उम्मीदवार युवा वर्ग का चयन करेगी. संगठन ने फंड जुटाने के लिए प्रत्याशी आदिवासी परिवार से 10 रुपए प्रति व्यक्ति नगद, एक किलो अनाज ले रहा है. जयस पदाधिकारियों का कहना है कि हम इसके लिए दबाव भी नहीं डाल रहे हैं, बल्कि आदिवासी समाज हमें यह खुशी-खुशी दे रहा है.
राहुल पर भरोसा, प्रदेश के नेताओं पर  नहीं
जयस संगठन के संरक्षक डा. हीरालाल अलावा का कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कहना है कि हम कांग्रेस से चर्चा नहीं करेंगे. उन्होंने बताया कि खासकर प्रदेश के नेताओं से तो इस विषय पर चर्चा ही नही होगी. अगर हमसे गठबंधन को लेकर कोई बात करनी है तो सीधे राहुल गांधी को करनी होगी. हम उन्हीं से चर्चा करेंगे. डा. अलावा ने कहा कि हम 1 अक्तूबर तक कांग्रेस से चर्चा के लिए इंतजार करेंगे, इसके बाद 2 अक्तूबर को हमारे प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाएगी. उन्होंने बताया की धार जिले के कुक्षी में गांधी जयंती पर आदिवासी महापंचायत का आयोजन किया गया है, इस महापंचायत में हम अधिक से अधिक प्रत्याशियों की घोषणा कर देंगे. महापंचायत में हमने नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेघा पाटकर, किसान संगठनों के नेता, अल्पसंख्यक नेताओं और सामान्य वर्ग के प्रतिनिधियों को भी बुलाया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य सामाजिक संगठनों का भी उन्हें सहयोग मिल रहा है. माझी समाज, निषाद समाज के अलावा अन्य सामाजिक नेता और कार्यकर्ता उनसे जुड़ रहे हैं.

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