शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

करोड़ों के घोटालेबाजों को बचा रही सरकार

 आम आदमी पार्टी ने कहा दोषियों को किया जाए बेनकाब

आम आदमी पार्टी ने ई-टेंडरिंग घोटाले के आरोपियों को सरकार द्वारा बचाए जाने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि इस घोटाले के आरोपियों को बेनकाब करना चाहिए.
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने ये बात आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 2322.33 करोड़ का ई-टेंडरिंग घोटाला हुआ है. यह घोटाला तीन कंपनियों द्वारा किया गया. उन्होंने कहा कि अन्तारेस सिअम लिमिटेड ने साफ्टवेयर ई-टेंडरिंग के लिए दिया. इसमें सुरक्षा रखी गई थी कि टेंडर भरने के बाद उसके खुलने के पहले कोई छेड़छाड़ होती है तो एरर का संदेश आएगा.  
 अग्रवाल ने कहा कि उन्हें जो दस्तावेज इस घोटाले के मिले हैं, उनके तहत अन्तारेस की जांच रिपोर्ट 11 अप्रैल, 17 अप्रैल और 5 मई में साफ कहा गया है कि मध्यप्रदेश जल निगम ने तीन टेंडर में टेंडर भरने के बाद तीन कंपनियों  ने अधिकारियों से मिलीभगत कर अपनी राशि बदलकर सबसे कम करा दी. इनमें प्रवीण कुमार गुरु महाप्रबंधक, जल निगम और केशव राव उइके जिला व्यवसाय एवं उद्योग  केन्द्र ने आईडी बदलकर टेंडर राशि में बदलाव कर यह घोटाला किया गया. उन्होंने बताया कि यह घोटाला तीन टेंडरों द्वारा 2322.45 करोड़ का था. अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई और 8 मई को प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने मुख्य सचिव को रिपोर्ट प्रस्तुत कर तत्काल जांच करने का आग्रह किया. इसके बाद 11 मई को मुख्य सचिव ने ईओडब्ल्यू को अपराध की जांच और केस दर्ज करने के आदेश दिए, लेकिन न तो आज तक कोई जांच शुरु हुई और न ही कोई केस दर्ज हुआ. बल्कि शासन ने जिस अधिकारी मनीष रस्तोगी ने घोटाला पकड़ा उसे ही वहां से हटा दिया. अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में सरकार अधिकारियों को बचा रही है. उन्होंने मांग की कि हाईकोर्ट की निगरानी में जांच समिति बनाकर इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और दोषियों को बेनकाब किया जाए.

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