गुरुवार, 27 सितंबर 2018

दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, सिंधिया पर एफआई दर्ज करने के निर्देश

राजधानी भोपाल की विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश सिंह ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले में दायर किए गए एक परिवाद के आधार पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और आईटी विशेषज्ञ प्रशांत पांडे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं. 
भाजपा के विधि प्रकोष्ठ की ओर से अधिवक्ता संतोष शर्मा ने राजनीतिक मामलों के लिए बनी विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में एक परिवाद दायर किया था.  इस परिवाद में कहा गया कि व्यापमं घोटालों में जो दस्तावेज पेश किए गए हैं वह फर्जी हैं. इन दस्तावेजों को पेश करने के लिए दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, सिंधिया, प्रशांत पांडे को जिम्मेदार ठहराया गया. शर्मा ने बताया कि इस परिवाद के आधार पर बुधवार को न्यायाधीश ने यामला हिल्स थाने की पुलिस को चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं . 
दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक्सेलशीट के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय को गुमराह किया. न्यायालय से मांग की गई थी कि ऐसे नेताओं के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए . गौरतलब है कि पिछले दिनों ही दिग्विजय सिंह ने भोपाल की अदालत में व्यापमं घोटाले को लेकर अपील की थी. इसके साथ उन्होंने 27 हजार पन्नों की चार्जशीट भी संलग्न की थी. अभी उस पर सुनवाई की अगली तारीख लगी है.
सिंधिया ने कहा न डरेंगे,  न झुकेंगे 
भाजपा द्वारा लगाए गए परिवाद पर न्यायालय के निर्देश के बाद सांसद और मध्यप्रदेश कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा है कि व्यापमं में मध्यप्रदेश के हजारों युवाओं के साथ हुए अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई को लेकर भाजपा ने सत्ता के दबाव में जो झूठा केस हम पर दर्ज कराया है, वो केवल भाजपा सरकार की बौखलाहट दर्शा रहा है. उनको लिखा कि मैं बस यही कहना चाहूंगा  कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नही. हम न डरेंगे, न झुकेंगे-प्रदेश के हमारे युवाओं की इस सत्य की लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ेंगे.

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