शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

कांग्रेस का वचन पत्र तैयार, राहुल गांधी से पहले गणपति को सौंपा

समीक्षा करेंगे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया
मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए वचन पत्र (घोषणा पत्र) तैयार कर लिया है. कांग्रेस की वचन पत्र समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में तैयार हुए इस वचनपत्र को सिंह ने भागवन गणेश को पहले सौंपा. संभावना यह जताई जा रही है कि राहुल गांधी के 17 सितंबर के राजधानी प्रवास के दौरान उन्हें यह वचन पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा सौंपा जा सकता है. कांग्रेस के इस वचन पत्र को भाजपा ने शिगूफेबाजी बताया है.
मध्यप्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने यह घोषणा की थी कि कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र नहीं, बल्कि वचन पत्र जारी करेगी. जनता को जो वचन दिए जाएंगे, सरकार में आने के बाद उन्हें पूरा किया जाएगा. इसके बाद वचन पत्र समिति का गठन किया गया था, जिसके अध्यक्ष विधानसभा उपाध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र सिंह को यह दायित्व सौंपा था कि वे प्रदेश कांग्रेस का वचन पत्र तैयार करें. राजेन्द्र सिंह ने वचन पत्र तैयार कर लिया है. गणेश चतुर्थी के अवसर पर उन्होंने वचन पत्र भगवान गणेश को सौंपा. प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ अब 17 सितंबर को राहुल गांधी के राजधानी भोपाल प्रवास के दौरान वचन पत्र उन्हें सौंपेगे.
बताया जा रहा है कि मंदसौर में किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर हुई राहुल गांधी की सभा के दौरान उन्होंने मतदाताओं से जो वादे किए थे वे भी वचन पत्र में शामिल किए गए हैं. इनमें किसानों की कर्जमाफी के साथ अन्य बिंदुओं को भी शामिल किया गया है. वचन पत्र में बिजली बिल आधा करने जैसे लोक-लुभावन और सभी से जुड़े बिंदु को भी जोड़ा गया है.  महिला सुरक्षा को लेकर भी कांग्रेस लगातार फोकस कर रही है. 
भाजपा ने वचन पत्र को बताया शिगूफेबाजी
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कांग्रेस के वचन-पत्र को कांग्रेस की शिगूफेबाजी बताया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार से लेकर अभी तक सिर्फ जनता उनके शिगूफेबाजी की शिकार रही. भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की कल्याणकारी योजनाओं से कांग्रेस डरी हुई है. इसलिए सिर्फ कोरे वादे करके जनता को बहकाने की कोशिश में लगी है. जनता जानती है कि बच्चों, छात्र-छात्राओं, युवाओं और माताओं से लेकर सभी के लिए कई योजनाएं न केवल लागू की गई हैं, बल्कि उसका लोगों ने लाभ भी लिया. मेधावी स्कीम में लाखों रुपए फीस सरकार भर रही है. संबल योजना किसी से छिपी नहीं है. इन्हीं चीजों से घबराकर कांग्रेस वचन-पत्र का धोखा जनता से करने जा रही है. 
आप ने शपथ पत्र सौपा था डा. आंबेडकर को
आम आदमी पार्टी ने जुलाई माह में 14 जुलाई को महू में डा. भीमराव आंबेडकर को शपथ पत्र सौंपा था. आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल द्वारा डा. आंबेडकर को सौंपे शपथ पत्र में 30 बिंदुओं को लेकर जनता से वादा किया है. उन्होंने शपथ पत्र देकर जनता के बीच कहा था कि शपथ पत्र देकर वे अपने आपको कानून में बांध चुके हैं. सरकार बनने के बाद शपथ पत्र में किए वादे अगर वे पूरे नहीं करते हैं, तो जनता उन्हें जेल भेज सकती है. 
भाजपा ने जारी किया था संकल्प पत्र
मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा 2013 के विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र को संकल्प पत्र के रुप में जनता को सौंपा था. प्रदेश भाजपा ने संकल्प पर जारी कर जनता से वादे किए थे. भाजपा द्वारा घोषणा पत्र को संकल्प पत्र के रुप में प्रेषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस वर्ष घोषणा पत्र को वचन पत्र नाम दिया है. इस बार भाजपा द्वारा चुनाव में दृष्टि पत्र जारी किया जाने वाला है, जिसकी तैयारी की जा रही है. भाजपा के इस दृष्टिपत्र को 32 सदस्यीय समिति बना रही है. पार्टी ने अपने दृष्टिपत्र में किसानों के अलावा हर वर्ग से सुझाव मांगे हैं. 

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