मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने एम.सी.एम.सी एवं मीडिया सेल के नोडल अधिकारियों की प्रशासन अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में कहा कि निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज को चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा. इसके अंतर्गत राजनैतिक दलों, प्रत्याशियों द्वारा जारी किए गए और बेनाम जारी किए गए विज्ञापनों तथा समाचार को भी संज्ञान में लेकर उन पर कार्यवाही की जाएगी. एम.सी.एम.सी. और मीडिया सेल सभी घटनाओं पर पैनी निगाह रखें. किसी भी प्रत्याशी के समर्थन अथवा विपक्ष में जारी होने वाली प्रत्येक खबर को संवेदनशीलता के साथ देखें और उनका आकलन करें.
कान्ता राव ने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन-2018 में मीडिया और सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में जारी होने वाले प्रत्येक समाचार, विचार, घटना, वीडियो, जिंगल, रेडियो एवं एफएम चैनलों पर प्रसारित होने वाले ओडियो और सार्वजनिक स्थानों पर एलईडी, मोबाईल वैन से प्रसारित होने वाले प्रत्येक विजुअल की मॉनिटिरिंग की जाए और उस पर संज्ञान लेकर त्वरित कार्यवाही की जाए. राव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की व्यय सीमा 28 लाख रुपए है और प्रत्याशी को प्रत्येक 3 दिन में चुनाव खर्च आयोग को उपलब्ध कराना होगा.
प्रशिक्षण कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव पवन दीवान ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निदेर्शानुसार हर समय इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रसारित होने वाले प्रत्येक विज्ञापन का प्री-सर्टिफिकेशन होना अनिवार्य है. इलेक्ट्रानिक माध्यम में टी.वी. चैनलों पर प्रसारित विज्ञापन, सोशल मीडिया, बल्क मैसेज, बल्क वाईस मैसेज, आॅडियो-वीडियो डिस्पले आदि में भी यदि इलेक्ट्रानिक डिस्पले का उपयोग होता है़ तो उसको भी चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा.
राजनैतिक दलों की कार्यशाला
राजनैतिक दलों की कार्यशाला को संबोधित करते हए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनैतिक दल अभिन्न अंग है. निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण है. उसके बाद राजनैतिक दलों का योगदान महत्वपूर्ण होता है. प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव-2018 को बेहतर तरीके से संपन्न कराने के लिए राजनैतिक दलों के साथ समन्वय आवश्यक है. इसलिए पहली बार ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसमें राजनैतिक दलों के प्रश्नों का उत्तर दिया जा सके और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण से संबंधित अद्यतन जानकारियाँ उपलब्ध हो सकें. कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव एस.के. रूडोला ने कहा कि देश में निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों के साथ इस प्रकार की कार्यशाला एक अच्छा नवाचार है. प्रदेश में कार्यशाला में इतने अधिक राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्वस्थ निर्वाचन की भावना का उदाहरण है.
कान्ता राव ने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन-2018 में मीडिया और सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में जारी होने वाले प्रत्येक समाचार, विचार, घटना, वीडियो, जिंगल, रेडियो एवं एफएम चैनलों पर प्रसारित होने वाले ओडियो और सार्वजनिक स्थानों पर एलईडी, मोबाईल वैन से प्रसारित होने वाले प्रत्येक विजुअल की मॉनिटिरिंग की जाए और उस पर संज्ञान लेकर त्वरित कार्यवाही की जाए. राव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की व्यय सीमा 28 लाख रुपए है और प्रत्याशी को प्रत्येक 3 दिन में चुनाव खर्च आयोग को उपलब्ध कराना होगा.
प्रशिक्षण कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव पवन दीवान ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निदेर्शानुसार हर समय इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रसारित होने वाले प्रत्येक विज्ञापन का प्री-सर्टिफिकेशन होना अनिवार्य है. इलेक्ट्रानिक माध्यम में टी.वी. चैनलों पर प्रसारित विज्ञापन, सोशल मीडिया, बल्क मैसेज, बल्क वाईस मैसेज, आॅडियो-वीडियो डिस्पले आदि में भी यदि इलेक्ट्रानिक डिस्पले का उपयोग होता है़ तो उसको भी चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा.
राजनैतिक दलों की कार्यशाला
राजनैतिक दलों की कार्यशाला को संबोधित करते हए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनैतिक दल अभिन्न अंग है. निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण है. उसके बाद राजनैतिक दलों का योगदान महत्वपूर्ण होता है. प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव-2018 को बेहतर तरीके से संपन्न कराने के लिए राजनैतिक दलों के साथ समन्वय आवश्यक है. इसलिए पहली बार ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसमें राजनैतिक दलों के प्रश्नों का उत्तर दिया जा सके और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण से संबंधित अद्यतन जानकारियाँ उपलब्ध हो सकें. कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव एस.के. रूडोला ने कहा कि देश में निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों के साथ इस प्रकार की कार्यशाला एक अच्छा नवाचार है. प्रदेश में कार्यशाला में इतने अधिक राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्वस्थ निर्वाचन की भावना का उदाहरण है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें