शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

अब रोजाना ले सकेंगें आरटीआई संबंधी जानकारी

 फोन, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम पर संपर्क कर  भी मिलेगी जानकारी

मध्यप्रदेश में सूचना  के  अधिकार से  संबंधित  कोई भी  जानकारी राज्य सूचना आयुक्त से अब रोजाना ली जा सकती है. यह जानकारी अब फोन, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर भी ले सकेंगे.
 सूचना के अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई इस  पहल के  तहत कोई  भी नागरिक व  सूचना के अधिकार के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी आयुक्त आत्मदीप से फोन, वाट्सएप, फेसबुक पेज व इंस्टाग्राम पर या सूचना आयोग कार्यालय में व्यक्तिगत रूप  से  संपर्क  कर सूचना के  अधिकार  के बारे में आवष्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इस दौरान सूचना  का अधिकार अधिनियम और मध्यप्रदेश सूचना का अधिकार (फीस व अपील) नियम 2005 के प्रावधानों के बारे में आवष्यक जानकारी देने के साथ वांछित मार्गदर्शन व सवालों के जवाब भी दिए जाएंगे, इसके लिए पहले  हर सप्ताह के अंतिम कार्यदिवस पर अपरान्ह 4 से 5 बजे का समय नियत किया गया था जिसे बदल कर अब हर कार्य दिवस पर अपरान्ह 3 से 5 बजे कर दिया गया है. दिन और समय में यह बढ़ोतरी इसलिए की गई है क्योंकि फोन व सोषल मीडिया पर विभिन्न राज्यों के लोगों के पूछताछ व परामर्ष संबंधी संदेष बड़ी संख्या में आ रहे हैं.
 देश में मध्ययप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां इस प्रकार की निशुल्क सहायता सुविधा शुरू की गई है.  सूचना आयुक्त आत्मदीप ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सबके लिए हितकारी सूचना के अधिकार के क्रियान्वयन की स्थिति को बेहतर बनाना है. इसके लिए यह सुविधा शुरू करने के अलावा उनके द्वारा विभिन्न जिलों के दौरे कर गैर सरकारी संस्थाओं व संस्थानों के कार्यक्रमों में सूचना के अधिकार से संबंधित जानकारी दी जा रही है. जिलों में अपीलीय अधिकारियों, लोक सूचना अधिकारियों व अन्य संबंधित लोकसेवकों की कार्यषालाएं भी आयोजित की जा रही हैं . साथ ही, भोपाल कोर्ट में और जिलों में कैंप कोर्ट लगाकर अपीलों की सुनवाई के दौरान भी सभी पक्षकारों की काउंसलिंग की जा रही है. 
आयुक्त ने बताया कि इन सब प्रयासों की जरूरत इसलिए पड़ी है क्योंकि सूचना का कानून लागू हुए 12 बरस से ज्यादा अरसा गुजर जाने के बाद भी ज्यादातर वर्गों के लोगों को इस महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है. नतीजे में  देश एवं प्रदेश की एक चौथाई आबादी भी सूचना के अधिकार का उपयोग नहीं कर रही है. इस मामले में महिला, बीपीएल व ग्रामीण वर्गोें के लोग सबसे पीछे हैं. प्रचार, प्रसार, प्रषिक्षण व जन जागरूकता में कमी के कारण ये हालात बने हैं. इस स्थिति को बदलने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है.    आयुक्त ने उम्मीद जताई है कि लोकसेवकों सहित तमाम तबकों के लोगों को सूचना के अधिकार से संबंधित जिज्ञासाओं का उत्तर पाने के लिए फोन, वाट्सएप, फेसबुक पेज व इंस्टाग्राम पर और व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने की शुल्करहित आसान सुविधा उपलब्ध होने से सभी पक्ष लाभांवित होंगे. आवश्यकता होने पर फेसबुक लाईव पर भी संवाद किया जा सकेगा . 

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