प्रदेश के साधु-संतों ने मंदिरों के प्रबंधक पर पदस्थ कलेक्टरों की हटाने सहित अपने आठ सूत्री मांगों को लेकर साधु संतों ने रविवार को राजधानी में प्रदर्शन किया. संतों ने अपनी मांग पूरी न होने पर मुख्य मंत्री निवास का घेराव करने की चेतावनी भी दी है.
प्रदेश में मठ, मंदिरों की जमीनों पर कलेक्टरों के प्रबंधन को लेकर संतों ने आज से राजधानी में धरना शुरु कर दिया. धरने पर बैठें संतों ने सरकार द्वारा राज्य के सभी जिलों में मठ, मंदिरों की जमीन पर कलेक्टरों के प्रबंधन का विरोध किया. अखिल भारतीय संतजन परमार्थ समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रामगिरी महाराज ने कहा कि उनकी 15 साल पुरानी मांगों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज तक कोई निराकरण नहीं किया. उन्होंने कहा कि सभी 51 जिलों के करीब पचास हजार मंदिरों के प्रबंधक पद पर कलेक्टरों को बैठाया गया है. इससे मंदिरों की व्यवस्था चौपट हो गई है. कलेक्टरों को मंदिर की परवाह नहीं है. मंदिर भूमि पर अवैध कब्जे बढ़ गए हैं. इसलिए कलेक्टरों को हटाया जाए और साधु-संतों को प्रबंधक बनाया जाएगा.
धरने पर बैठें संतों की मांगों में मंदिर भूमियों का अधिग्रहण बंद किया जाए, मठ मंदिरों के नामांतरण हिंदू विधि-विधान के साथ किए जाए, धार्मिक आयोजनों में धर्माचार्यों की सुनी जाए, पुराने मठ- मंदिरों का नियमितिकरण कर उन्हें विकसित किया जाए. इसके अलावा साधु-संत प्रदेश की गोचर भूमि गौशालाओं को देने और धार्मिक कार्यों में समिति को स्थान देने की मांग कर रहे हैं.संतों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना तो वे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे.

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