मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित पुलिस अधिकारियों पर दायर किए परिवाद मामले में बयान दर्ज कराने 22 सितंबर को अदालत पहुंचेंगे. उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और कांग्रेस नेता भी अदालत पहुंचेंगे. कांग्रेस इस मौके पर फिर एक बार एकजुटता दिखाने की तैयारी कर रही है. कमलनाथ के अलावा सिंह के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा भी उपस्थित रहने की बात कही जा रही है.प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि वे 22 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ जब वे बयान दर्ज कराने जाएंगे, अदालत जाएंगे. उन्होंने बताया कि इस आशय की सूचना उन्होंने कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दे दी है. कमलनाथ द्वारा इस बात का संकेत दिया गया है कि सिंह के साथ पूरी कांग्रेस एकजुट है और 22 सितंबर को भी एकता दिखाई जाएगी. उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व सिंह जब देशद्रोही कहे जाने के मामले में गिरफ्तारी देने राजधानी भोपाल के टी.टी.नगर थाने पहुंचे थे, तब भी उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के अलावा अन्य वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे थे, मगर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था. कांग्रेस सूत्रों की माने तो इस बार फिर कांग्रेस बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ सिंह के साथ अदालत पहुंचने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि सांसद विवेक तन्खा और कपिल सिब्बल भी इस दिन भोपाल पहुंचकर सिंह के साथ अदालत में उपस्थित रहेंगे.
यह है मामला
दिग्विजय सिंह द्वारा विधायकों-सांसदों के व्यापमं मामलों के लिए भोपाल में गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश सुरेश सिंह के समक्ष बुधवार को एक परिवाद प्रस्तुत किया गया है. उन्होंने 27 हजार पन्नों की चार्जशीट प्रस्तुत की है. सिंह ने परिवाद प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि नितिन महेन्द्रा के कम्प्यूटर से प्राप्त मूल हार्ड डिस्क में इन्दौर के पुलिस अधिकरियों- तत्कालीन आई.जी. विपिन माहेश्वरी, क्राइम ब्रांच इंदौर के अति.पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी एवं अन्य ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं अन्य बड़े भाजपा नेताओं को बचाने के लिए हार्ड डिस्क से प्राप्त एक्सेल शीट में रद्दोबदल किया और उसमें उल्लेखित मुख्यमंत्री का नाम एवं अन्य नामों को हटाया. सिंह ने परिवाद में कहा है कि एस.टी.एफ. और सी.बी.आई. द्वारा उपलब्ध प्रमाणों की अनदेखी करते हुये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एवं कई अन्य भाजपा नेताओं को आरोपी नही बनाया गया है, जिसकी न्यायिक जाच हेतु यह परिवाद प्रस्तुत किया गया है. न्यायालय ने आगामी 22 सितंबर 2018 की तिथि नियत की है एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को न्यायालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा है.
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