शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

काले कपड़े, काले झंडे लेकर रैली में पहुंचेगे सवर्ण

एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में आगामी रणनीति क्या हो और किस तरह से सरकार पर दबाव बनाकर इस एक्ट को लागू होने से रोका जाए, इस पर मंथन के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में सपाक्स समर्थित लोग 30 सितंबर को राजधानी भोपाल में जमा होंगे. प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से रैली के रूप में लोग राजधानी के कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड पर पहुंचेंगे. सभी काले कपड़े पहनकर और काले झंडे लेकर भोपाल पहुंचेंगे.
सामान्य पिछड़ा अल्पसंख्यक कल्याण समाज (सपाक्स ) द्वारा पूरे देश में प्रदर्शन और रैली निकालकर एससी-एसटी एक्ट का विरोध किया जा रहा है. इसे लेकर आज सपाक्स के संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि सवर्ण समाज द्वारा अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है. 30 सितंबर को दोपहर 12 बजे भोपाल में कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड पर रैली होगी. रैली में पूरे प्रदेश से सवर्ण समाज के लोग राजधानी भोपाल पहुंचेंगे. त्रिवेदी ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा सपाक्स वर्ग के प्रति लगातार उपेक्षित व्यवहार किया जा रहा है.बहुसंख्यक समाज अब इस तरह का व्यवहार सहन  नहीं करेगा. त्रिवेदी ने बताया कि इसके तहत 30 तारीख को जो रैली निकाली जा रही है, उसका नाम हमने क्रांति रैली दिया है. उन्होंने बताया कि इस रैली के दौरान एक सभा का भी आयोजन किया जाएगा.सभा में हम अपने अधिकार की आवाज को बुलंद करेंगे. 
ये संगठन भी शामिल होंगे रैली में
त्रिवेदी ने बताया कि 30 सितंबर को आयोजित रैली में सपाक्स संगठन के साथ श्री करणी सेना, श्री परशुराम सेना, अखिल भारतीय ब्राह्मण संगठन,क्षत्रिय महासभा, पिछड़ा वर्ग समाज के सभी संगठन, वैश्य समाज के संगठन, जैन समाज, सिख समाज, मुस्लिम समाज, बोहरा समाज के अलावा सभी समारों के महिला और युवा संगठन के पदाधिकारी और लोग शामिल होंगे. 
राजनीतिक पार्टी की कर सकते हैं घोषणा
रैली में सपाक्स संगठन द्वारा राजनीतिक पार्टी की घोषणा की जा सकती है. पूर्व में संगठन द्वारा प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने की बात सपाक्स द्वारा कही गई थी. इसके चलते सपाक्स द्वारा आवेदन लेने की प्रक्रिया भी शुरु कर की जा रही है. राजनीतिक पार्टी और चुनाव लड़ने की 30 सितंबर को भोपाल में आयोजित जनसभा में घोषणा की जा सकती है. इसमें जिस क्षेत्र में सपाक्स के जो लोग सक्रिय हैं, उन्हें टिकट दिया जाएगा. वहीं, अगर एससी-एसटी का कोई उम्मीदवार सपाक्स की शर्तों को मानकर उनका समर्थन करता है तो उसे भी चुनाव के लिए टिकट देने पर सपाक्स विचार कर सकता है.

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