शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

राजधानी में भारत बंद के चलते बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा




केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आज  भारत बंद मध्यप्रदेश की राजधानी सहित अन्य शहरों में दिखाई दिया. आज सुबह से ही व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद रहे. बंद के चलते दवा दुकानें भी बंद रखी, जिससे लोग परेशान भी हुए. व्यापारियों ने बंद को सफल बताया. 
  कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आह्वान पर वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे के खिलाफ आज राष्ट्रव्यापी व्यापार बंद से राजधानी के  व्यापारियों के संगठनों ने समर्थन कर अपने प्रतिष्ठानों में ताले लगाए रखे. दुकानों के न खुलने से नए-पुराने भोपाल के बाजारों में सन्नाटे का माहौल रहा. राजधानी में रिटेल सेक्टर में एफडीआई और आनलाइन दवा बेचने के विरोध में बंद का व्यापक असर देखा गया. शहर के मुख्य बाजार पूरी तरीके से बंद रहे. दवाइयों की दुकानें भी बंद रही. दवा कारोबारियों ने तो 24 घंटे दुकानें बंद रखने का फैसला लिया जिसके चलते आज सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद रहे.
 पुराने शहर में चौक बाजार, न्यू मार्केट भी पूरी तरीके से बंद रहे. बंद के चलते राजधानी के सभी थोक बाजार,कृषि उपज मंडी, दवा बाजार, लोहा बाजार, मिठाई की दुकानें सहित विभिन्न ट्रेडों की प्रतिष्ठानों में ताले लटके रहे. व्यापारियों ने विरोध स्वरूप रैली निकालकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा. राजधानी के अलावा  प्रदेश  के अन्य शहरों में बाजारों में भी बंद का व्यापक असर दिखा.   किराना व्यापारी महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार राजधानी के सभी बाजार एफडीआई, आॅनलाईन व्यापार के विरोध में आज बंद रहे. आज दाल, शकर, तेल,किराना, जुमेराती, हनुमानगंज, एमपी नगर सहित सभी जगहों के व्यापार व्यवसाय का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा. भारत बंद का प्रदेश में व्यापक असर है. 
डीजल-पेट्रोल मूल्यवृद्धि के परेशान ट्रांसपोर्टरों भारत व्यापार बंद का पूरी तरह समर्थन किया. 20 हजार से अधिक ट्रकों का चक्काजाम किए जाने का दावा किया गया. आल इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनीज के अध्यक्ष ठाकुर लाल राजपूत के अनुसार शहर ही नहीं प्रदेशभर के ट्रांसपोर्टर कैट के इस आंदोलन में साथ नजर आए. बंद के चलते सुबह से ही माल परिवहन का कार्य पूर्णत: बंद कर दिया था. किसी भी प्रकार के माल की बुकिंग नहीं की गई थी.

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