मध्यप्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट को लेकर सवर्णों के विरोध को देखते हुए अब भारतीय जनता पार्टी ने अजा वर्ग के लोगों को साधने के लिए राजधानी भोपाल में वाल्मिकी महाकुंभ का आयोजन करने की तैयारी की है. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान इस महाकुंभ में अजा वर्ग के लिए कई घोषणाएं कर सकते हैं, ताकि इस वर्ग के मतदाता भाजपा के पक्ष में आ सकें.
मध्यप्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट को लेकर सवर्ण समाज के विरोध ने भाजपा की मुसीबतों को इतना बढ़ा दिया है कि वह अब सवर्ण समाज के मतों के होने वाले विभाजन का आकलन कर उसकी खाई को पाटने के प्रयास में जुट गई है. सतना में ओबीसी वर्ग का सम्मेलन कर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस वर्ग को साधने का प्रयास किया. इसके बाद अब भाजपा ने अजा वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है. भाजपा द्वारा इसके लिए 1 अक्तूबर को राजधानी में वाल्मिकी महाकुंभ का आयोजन करने की तैयारी की जा रही है. राज्य में अजा वर्ग के लिए आरक्षित 35 सीटों पर फोकस करते हुए भाजपा अपनी रणनीति के तहत सवर्ण वर्ग के मतदाताओं के विभाजन की पूर्ति करने के लिए ये महाकुंभ आयोजित कर रही है. इस आयोजन में भाजपा का यह प्रयास है कि अजा वर्ग को अपनी ओर आकर्षित किया जाए, जिससे चुनाव में उसे लाभ मिले.
संकट में भी हार नहीं मान रही भाजपा
भारतीय जनता पार्टी का मध्यप्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट के चलते जबर्दस्त विरोध हो रहा है, मगर संकट की इस घड़ी में भी भाजपा हार नहीं मान रही है. भाजपा ने जहां मंत्रियों को सवर्ण वर्ग के लोगों को मनाने में लगाया है, वहीं महाकुंभोंं के सहारे वह ओबीसी तो कभी एससी वर्ग को साधने की तैयारी कर रही है. 1 अक्तूबर के महाकुंभ के लिए पार्टी ने अजा मोर्चा के पदाधिकारियों से चर्चा कर वाल्मिकी समाज के लोगों से भी मंथन किया है और इस आयोजन की रणनीति भी तय कर ली है.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें