राजनीतिक कनेक्शन से गर्माया मामला, एसआईटी की टीम गई अमरावती
मध्यप्रदेश में ट्रक ड्रायवरों और क्लीनरों की हत्या कर लूटने के मामले में पकड़ाई सीरियल कीलर गैंग मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं. आरोपी के तार भाजपा नेता से जुड़ने के बाद अब मामला और गर्मा गया है. इस मामले को लेकर अब पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला खुद जांच की मानीटरिंंग कर रहे हैं. इस मामले में अब एसआईटी की एक टीम अमरावती गई है.
मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के में 30 ट्रक ड्रायवरों और क्लीनरों की हत्या कर लूटने के मामले में सक्रिय सीरियल कीलर गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद अब नित नए खुलासे गैंग का प्रमुख आदेश खांबरा कर रहा है. खांबरा द्वारा पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा किया गया कि उसने एक भाजपा नेता के कहने पर तीन हत्याएं की हैं. खांबरा ने भाजपा नेता और पूर्व मंत्री सरताज सिंह के प्रतिनिधि लाल सिंह सोलंकी से सुपारी लेकर 3 लोगों की हत्या करना कबूला है. हालांकि पूर्व मंत्री और सिवनी मालवा से विधायक सरताज सिंह ने इस बात का खंडन किया है कि लाल सिंह उनका प्रतिनिधि है. लाल सिंह ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर कई भाजपा नेताओं के साथ अपनी फोटो भी शेयर की है. खांबरा के इस खुलासे के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा पर हमला किया है और भाजपा को हत्यारी पार्टी बताया है. प्रदेश कांग्रेस द्वारा ट्वीट किया गया है कर कहा है कि बस यही बाकी रह गया था..? चाल खराब, चरित्र नीलाम और चेहरा खूनी..? हत्या इनका काम है, हम यूं ही बदनाम है.
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की भोपाल पुलिस द्वारा ट्रक लूटकर ड्राइवर और क्लीनर्स की हत्या करने वाली गैंग का पदार्फाश कर बताया था कि इस गैंग ने अब तक 30 हत्याएं की हैं. पुलिस का दावा है कि अब तक की पूछताछ में आरोपी आदेश खांबरा, जयकरण, तुकाराम 30 हत्या करना कबूल कर चुके हैं. अभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे भी कई हत्याओं के खुलासे होने की संभावना है.
केस स्टडी के लिए बनवाई जाएगी बुक
पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला का कहना है कि इस गैंग ने 30 हत्याएं की हैं. इनके लिंक की तलाश की जा रही है. आरोपी के पास से मिली डायरी जांच का विषय है. केस स्टडी के लिए खांबरा गैंग पर बुक भी बनवाई जाएगी. वहीं इस मामले में भोपाल आईजी जयदीप प्रसाद का कहना है कि हमने महाराष्ट्र, झारखंड सहित अन्य राज्यों की पुलिस को इसकी सूचना दे दी है, जहां के ट्रकों के ड्रायवरों और क्लीनरों की हत्याएं इस गैंग ने की थी. एसआईटी इस मामले में खांबरा का नार्को टेस्ट कराएगी. अमरावती, ग्वालियर और भिंड भी एसआईटी की टीमें गई हैं. आज एक टीम छत्तीसगढ़ भी भेजी गई है. खांबरा की डायरी में मंत्री के नाम के आगे 70-एल लिखा है. हालांकि नाम की पुष्टि नहीं हुई है.
अमरावती केस में बरी होने का है भरोसा
सीरियल किलर आदेश खांबरा ने वर्ष 2010 में होशंगाबाद के निकट सुखतवा से एक ट्रक को लूटा था. इसमें सवार ट्रक ड्रायवर और क्लीनर को मारने के बाद वह आमरवती पहुंचे थे. यहां पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले को लेकर पुलिस पूछताछ में खांबरा ने कहा कि पुलिस चालान पेश कर चुकी है. दो आरोपी अब भी फरार हैं. चालान में पुलिस ने अशोक लेलैंड का ट्रक जब्त करना बताया है, जबकि हमने तो टाटा कंपनी का ट्रक लूटा था. इस चालान में पुलिस ने कुछ गलतियां की है. पुलिस ने जब उससे वर्ष 2014 में नागपुर में हुए केस के बारे में पूछताछ की तो वह बोला कि इस मामले में सजा हो सकती है, क्योंकि पुलिस के पास वो सीसीटीवी फुटेज भी हैं, जिनमें मैं दिख रहा हूं. माल की भी जब्ती हो गई है.
कोडवर्ड में करते थे बात
पुलिस पूछताछ में खांबरा ने बताया कि गैंग के सदस्य कोडबर्ड में बात करते थे. जयकरण का काम ट्रक ड्रायवर और क्लीनर को अपनी बातों में फंसाना होता था. इसके बाद वह आदेश खांबरा को कहता था कि भाई साहब कुछ मीठा तो खिला दो. इसका मतलब होता था कि ट्रक ड्रायवर-क्लीनर उसके झांसे में आ चुके हैं. आप आओ और नशीली दवा खिलाकर उन्हें बेहोश कर दो. ग्वालियर की गैंग ट्रक का माल बिकवाने का काम करती थी. इस गैंग को जैसे ही पता चलता था कि आदेश-जयकरण ने कोई ट्रक लूटा है तो वे फोन कर कहते थे कि कचरा रास्ते में फेंकते हुए आना. इसका मतलब होता था कि ड्रायवर और क्लीनर के शव रास्ते में फेंकते हुए आना.
पूर्वज पाकिस्तान से आकर बसे थे मंडीदीप में
सीरियल कीलर आदेश खांबरा के पूवर्ज पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहने वाले थे. वे वहां से आकर मंडीदीप बस गए थे. आदेश भी टेलरिंंग का काम करता था. इस काम में उसकी आमदनी उतनी नहीं होती थी कि परिवार का खर्च वह अच्छे से चला सके. इसी दौरान वह आपराधिक प्रवृत्ति के दोस्तों के संपर्क में आया. आदेश ने पहला ट्रक वर्ष 2007 में मिसरोद स्थित 11 मील से लूटा था, इसमें किसी को मारा नहीं. पहली हत्या उसने वर्ष 2008 में सिवनी से लूटे गए ट्रक के ड्राइवर-क्लीनर की की थी. इन मामलों में उसे अच्छे पैसे मिलने लगे, इसलिए वह लगातार बेकसूरों का कत्ल करता चला गया.
मध्यप्रदेश में ट्रक ड्रायवरों और क्लीनरों की हत्या कर लूटने के मामले में पकड़ाई सीरियल कीलर गैंग मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं. आरोपी के तार भाजपा नेता से जुड़ने के बाद अब मामला और गर्मा गया है. इस मामले को लेकर अब पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला खुद जांच की मानीटरिंंग कर रहे हैं. इस मामले में अब एसआईटी की एक टीम अमरावती गई है.
मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के में 30 ट्रक ड्रायवरों और क्लीनरों की हत्या कर लूटने के मामले में सक्रिय सीरियल कीलर गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद अब नित नए खुलासे गैंग का प्रमुख आदेश खांबरा कर रहा है. खांबरा द्वारा पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा किया गया कि उसने एक भाजपा नेता के कहने पर तीन हत्याएं की हैं. खांबरा ने भाजपा नेता और पूर्व मंत्री सरताज सिंह के प्रतिनिधि लाल सिंह सोलंकी से सुपारी लेकर 3 लोगों की हत्या करना कबूला है. हालांकि पूर्व मंत्री और सिवनी मालवा से विधायक सरताज सिंह ने इस बात का खंडन किया है कि लाल सिंह उनका प्रतिनिधि है. लाल सिंह ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर कई भाजपा नेताओं के साथ अपनी फोटो भी शेयर की है. खांबरा के इस खुलासे के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा पर हमला किया है और भाजपा को हत्यारी पार्टी बताया है. प्रदेश कांग्रेस द्वारा ट्वीट किया गया है कर कहा है कि बस यही बाकी रह गया था..? चाल खराब, चरित्र नीलाम और चेहरा खूनी..? हत्या इनका काम है, हम यूं ही बदनाम है.
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की भोपाल पुलिस द्वारा ट्रक लूटकर ड्राइवर और क्लीनर्स की हत्या करने वाली गैंग का पदार्फाश कर बताया था कि इस गैंग ने अब तक 30 हत्याएं की हैं. पुलिस का दावा है कि अब तक की पूछताछ में आरोपी आदेश खांबरा, जयकरण, तुकाराम 30 हत्या करना कबूल कर चुके हैं. अभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे भी कई हत्याओं के खुलासे होने की संभावना है.
केस स्टडी के लिए बनवाई जाएगी बुक
पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला का कहना है कि इस गैंग ने 30 हत्याएं की हैं. इनके लिंक की तलाश की जा रही है. आरोपी के पास से मिली डायरी जांच का विषय है. केस स्टडी के लिए खांबरा गैंग पर बुक भी बनवाई जाएगी. वहीं इस मामले में भोपाल आईजी जयदीप प्रसाद का कहना है कि हमने महाराष्ट्र, झारखंड सहित अन्य राज्यों की पुलिस को इसकी सूचना दे दी है, जहां के ट्रकों के ड्रायवरों और क्लीनरों की हत्याएं इस गैंग ने की थी. एसआईटी इस मामले में खांबरा का नार्को टेस्ट कराएगी. अमरावती, ग्वालियर और भिंड भी एसआईटी की टीमें गई हैं. आज एक टीम छत्तीसगढ़ भी भेजी गई है. खांबरा की डायरी में मंत्री के नाम के आगे 70-एल लिखा है. हालांकि नाम की पुष्टि नहीं हुई है.
अमरावती केस में बरी होने का है भरोसा
सीरियल किलर आदेश खांबरा ने वर्ष 2010 में होशंगाबाद के निकट सुखतवा से एक ट्रक को लूटा था. इसमें सवार ट्रक ड्रायवर और क्लीनर को मारने के बाद वह आमरवती पहुंचे थे. यहां पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले को लेकर पुलिस पूछताछ में खांबरा ने कहा कि पुलिस चालान पेश कर चुकी है. दो आरोपी अब भी फरार हैं. चालान में पुलिस ने अशोक लेलैंड का ट्रक जब्त करना बताया है, जबकि हमने तो टाटा कंपनी का ट्रक लूटा था. इस चालान में पुलिस ने कुछ गलतियां की है. पुलिस ने जब उससे वर्ष 2014 में नागपुर में हुए केस के बारे में पूछताछ की तो वह बोला कि इस मामले में सजा हो सकती है, क्योंकि पुलिस के पास वो सीसीटीवी फुटेज भी हैं, जिनमें मैं दिख रहा हूं. माल की भी जब्ती हो गई है.
कोडवर्ड में करते थे बात
पुलिस पूछताछ में खांबरा ने बताया कि गैंग के सदस्य कोडबर्ड में बात करते थे. जयकरण का काम ट्रक ड्रायवर और क्लीनर को अपनी बातों में फंसाना होता था. इसके बाद वह आदेश खांबरा को कहता था कि भाई साहब कुछ मीठा तो खिला दो. इसका मतलब होता था कि ट्रक ड्रायवर-क्लीनर उसके झांसे में आ चुके हैं. आप आओ और नशीली दवा खिलाकर उन्हें बेहोश कर दो. ग्वालियर की गैंग ट्रक का माल बिकवाने का काम करती थी. इस गैंग को जैसे ही पता चलता था कि आदेश-जयकरण ने कोई ट्रक लूटा है तो वे फोन कर कहते थे कि कचरा रास्ते में फेंकते हुए आना. इसका मतलब होता था कि ड्रायवर और क्लीनर के शव रास्ते में फेंकते हुए आना.
पूर्वज पाकिस्तान से आकर बसे थे मंडीदीप में
सीरियल कीलर आदेश खांबरा के पूवर्ज पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहने वाले थे. वे वहां से आकर मंडीदीप बस गए थे. आदेश भी टेलरिंंग का काम करता था. इस काम में उसकी आमदनी उतनी नहीं होती थी कि परिवार का खर्च वह अच्छे से चला सके. इसी दौरान वह आपराधिक प्रवृत्ति के दोस्तों के संपर्क में आया. आदेश ने पहला ट्रक वर्ष 2007 में मिसरोद स्थित 11 मील से लूटा था, इसमें किसी को मारा नहीं. पहली हत्या उसने वर्ष 2008 में सिवनी से लूटे गए ट्रक के ड्राइवर-क्लीनर की की थी. इन मामलों में उसे अच्छे पैसे मिलने लगे, इसलिए वह लगातार बेकसूरों का कत्ल करता चला गया.
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