मध्यप्रदेश में मानसून ने अंतिम दौर में फिर करवट बदली है. राज्य के कई जिलों में आज दिनभर तेज हवाएं चलती रही और आसमान पर बादल छाए रहे. मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में आगामी 24 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी है.
राजधानी में आज सुबह से ही रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही. साथ ही तेज ठंडी हवाएं चलती रही. राजधानी जैसा ही प्रदेश के अन्य जिलों का मौसम रहा. मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसूनी सीजन में पहली बार बंगाल की खाड़ी में सिस्टम डीप-डिप्रेशन में बदल गया है. सीजन में अब तक का सबसे मजबूत सिस्टम है, जिसके चलते इंदौर-उज्जैन संभाग को छोड़कर पूरे प्रदेश में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों के लिए आने वाले 48 घंटे काफी भारी पड़ सकते हैं. इसका कारण इस साल मानसूनी सीजन में पहली बार बंगाल की खाड़ी में सिस्टम डीप-डिप्रेशन में बदल जाना बताया जाता है. यह सीजन में अब तक का सबसे मजबूत सिस्टम है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार डीप-डिप्रेशन सिस्टम का असर अगले तीन दिन तक रहने का अनुमान है. एक मानसून ट्रफ फिरोजपुर, अंबाला, मेरठ, उरई, डाल्टनगंज, चाईबासा से बंगाल की खाड़ी तक बनी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा के ऊपरी भाग में 3.1 से 5.8 किमी के बीच द्रोणिका है, जो बंगाल की खाड़ी से झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश, दक्षिण उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक है.
मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, डिंडोरी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, होशंगाबाद, बैतूल, रायसेन, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिले में भारी बारिश हो सकती है.
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