
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं. जब बच्चे सेवाभावी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नागरिक बनेंगे, तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा. इनके भविष्य को संवारने और निखाने के लिए अभिभावकों को अधिक से अधिक समय देना चाहिए.
पटेल ने कहा कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ उनकी अन्य प्रतिभाओं को निखारने का अवसर भी देना चाहिए. राज्यपाल ने यह बात आज राजभवन के कर्मचारियों-अधिकारियों के बच्चों की ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिता तथा अन्य प्रतियोगिताओं के पुरस्कार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही. राज्यपाल ने कहा कि ग्रीष्मकालीन तथा अन्य प्रतियोगिताओं के आयोजन का उद्देश्य बच्चों को संस्कारवान बनाना तथा उनकी आदतों में बदलाव लाना है. उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे इस बात की जांच करें कि प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले और बाद में बच्चों में कितना परिवर्तन आया है. बच्चों को क्या बनना है, उनकी रूचि पर छोड़ देना चाहिए. उन्होंने बच्चों से कहा कि हमारे देश में रोजगार के बहुत अवसर हैं. हमें हर मौके के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने योग को मानसिक संतुलन बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
राज्यपाल ने गत 15 अगस्त को राजभवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विजेता बच्चों तथा जेल विभाग के कर्मचारियों एवं कैदियों को पुरस्कार वितरित किए.
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