मध्य प्रदेश चुनाव आयोग ने भाजपा सरकार को एक विज्ञापन के संबंध में नोटिस जारी कर जबाव तलब किया है. यह जानकारी प्रदेश मुख्य चुनाव आयुक्त वीएल कांताराव ने मीडिया से चर्चा करते हुए आज सोमवार दोपहर को दी.
कांताराव ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने इस वीडियो विज्ञापन को लेकर आयोग से शिकायत की है. इस विज्ञापन में एक महिला पुलिस कर्मचारी को शिवराज सिंह चौहान सरकार का बखान करते हुए दिखाया गया है. कांताराव का कहना है कि चूंकि अभी आचार संहिता नहीं लगी है, इसलिए यह माना जा रहा है कि यह वीडियो विज्ञापन किसी व्यक्ति विशेष द्वारा न देकर भारतीय जनता पार्टी ने दिया है.
कांताराव ने बताया कि फोटो इलेक्ट्रॉल रोल के दूसरे विशेष रिवीजन के अंतर्गत दावे आपत्ति प्रस्तुत करने की तारीख 7 सितंबर कर दी गई है. इस वजह से वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 27 सितंबर को किया जाएगा. फोटो निर्वाचक नामावली में 31 अगस्त तक कुल 15 लाख 67 हजार फार्म मिले हैं. इनमें नाम जोड़ने के लिए 8 लाख लोगों ने अप्लाई किया है. जबकि नाम हटाने के लिए 3 लाख 77 हजार लोगों की दरख्वास्त आई है. जबकि एक ही विधानसभा क्षेत्र में निवासी बदलने के लिए 60 हजार आवेदन आए हैं. वोटर लिस्ट संशोधन के लिए 3 लाख 30 हजार के करीब दरख्वास्त आई हैं. कांताराव ने बताया कि 3 साल से एक ही जगह पदस्थ या पिछले चुनाव में की गई इलेक्शन ड्यूटी के स्थान पर पदस्थ अफसरों को पूरे प्रदेश में हटा दिया गया है. इस बारे में चीफ सैक्रेट्री ने चुनाव आयोग को सर्टीफिकेट भी भेज दिया है.
कांताराव ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने इस वीडियो विज्ञापन को लेकर आयोग से शिकायत की है. इस विज्ञापन में एक महिला पुलिस कर्मचारी को शिवराज सिंह चौहान सरकार का बखान करते हुए दिखाया गया है. कांताराव का कहना है कि चूंकि अभी आचार संहिता नहीं लगी है, इसलिए यह माना जा रहा है कि यह वीडियो विज्ञापन किसी व्यक्ति विशेष द्वारा न देकर भारतीय जनता पार्टी ने दिया है.
कांताराव ने बताया कि फोटो इलेक्ट्रॉल रोल के दूसरे विशेष रिवीजन के अंतर्गत दावे आपत्ति प्रस्तुत करने की तारीख 7 सितंबर कर दी गई है. इस वजह से वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 27 सितंबर को किया जाएगा. फोटो निर्वाचक नामावली में 31 अगस्त तक कुल 15 लाख 67 हजार फार्म मिले हैं. इनमें नाम जोड़ने के लिए 8 लाख लोगों ने अप्लाई किया है. जबकि नाम हटाने के लिए 3 लाख 77 हजार लोगों की दरख्वास्त आई है. जबकि एक ही विधानसभा क्षेत्र में निवासी बदलने के लिए 60 हजार आवेदन आए हैं. वोटर लिस्ट संशोधन के लिए 3 लाख 30 हजार के करीब दरख्वास्त आई हैं. कांताराव ने बताया कि 3 साल से एक ही जगह पदस्थ या पिछले चुनाव में की गई इलेक्शन ड्यूटी के स्थान पर पदस्थ अफसरों को पूरे प्रदेश में हटा दिया गया है. इस बारे में चीफ सैक्रेट्री ने चुनाव आयोग को सर्टीफिकेट भी भेज दिया है.
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