इंदौर, सागर में खुली जेलों का लोकार्पणमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश की जेलों में बंद पात्र सजायाफ्ता बंदियों को सजा में 30 दिन की माफी देने की घोषणा की. उन्होंने जेलों में महिला बंदियों को दैनिक उपयोग में लगने वाली वस्तुओं जैसे बिंदी, चूड़ी, सिंदूर, हेयरबैंड एवं पुरूष बंदियों के लिए टूथपेस्ट, ब्रश, सेविंग सामग्री प्रदान करने के विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी.
मुख्यमंत्री चौहान आज केन्द्रीय जेल भोपाल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने इंदौर और सागर में खुली जेलों का ई-लोकार्पण किया. चौहान ने कहा कि दंडित बंदियों के कौशल उन्नयन के लिए कार्य के बदले प्रति दिन प्राप्त होने वाली पारिश्रमिक राशि कुशल बंदियों को 110 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति दिन एवं अकुशल बंदियों को 62 रुपए से बढ़ाकर 72 रुपए प्रति दिन की जाएगी. पारिश्रमिक दर में नियमित वृद्धि के लिए इसे मूल्य सूचकांक से भी जोड़ा जाएगा.
चौहान ने कहा कि आदर्श स्थिति तब बनेगी, जब अपराध मुक्त समाज का निर्माण होगा और जेलों की संख्या कम होती जाएगी. उन्होंने कहा कि व्यक्ति आदतन अपराधी नहीं होता. विषम परिस्थितियों और स्वभावगत विकारों के कारण अपराध हो जाता है. हर व्यक्ति में चाहे, वह कैदी ही क्यों न हो, एक सृजनात्मक व्यक्तित्व छुपा होता है, कलाकार छुपा होता है. सृजनात्मक क्षमताओं को अभिव्यक्त करने के लिए आवश्यक वातावरण का निर्माण करना होगा.
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