कहा आरक्षण का विरोध करने वालों नहीं देंगे वोट
मध्यप्रदेश जाति, जनजाति अधिकारी, कर्मचारी संघ (अजाक्स)ने आरक्षण का विरोध तेज होते देख अब पिछड़े वर्ग को साधने की कवायद शुरु कर दी है. संगठन ने पिछड़े वर्ग को साथ लेकर संयुक्त मोर्चा बनाया है.
मध्यप्रदेश में सपाक्स और अन्य संगठनों द्वारा आरक्षण को लेकर किए जा रहे विरोध को देखते हुए मध्यप्रदेश जाति, जनजाति अधिकारी, कर्मचारी संघ ने पिछड़े वर्ग को साधने की कवायद करते हुए घोषणा कर दी कि वह आरक्षण का विरोध करने वाले राजनीतिक और सामाजिक दल का विरोध करके और आगामी चुनावों में उन्हें वोट नहीं देगा. पिछड़े वर्ग को साथ लेकर बनाए संयुक्त मोर्चा की घोषणा करते हुए अजाक्स के महामंत्री एस.एल. सूर्यवंशी ने कहा कि संघ ने पिछड़े वर्ग के साथ मिलकर मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा बनाया है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में आरक्षित वर्ग के सर्वाधिक मतदाता हैं. आरक्षित वर्ग का संयुक्त प्रयास होगा कि आरक्षित वर्ग के मतदाता केवल आरक्षित वर्ग के पक्ष में अपने मताधिकार का उपयोग करें. किसी भी कीमत पर विधानसभा चुनाव में आरक्षण विरोधी जाति एवं समाज के उम्मीदवारों को वोट नहीं किया जाए. सूर्यवंशी ने अजाक्स संगठन की ओर से एससी एसटी को पदोन्नति में आरक्षण को यथावतृ रखने, ओबीसी को 52 प्रतिशत आरक्षण लागू करते हुए पदोन्नति में भी आरक्षण देने, बैकलाग पदों को आवेदन प्राप्त कर मेरिट के आधार पर चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व भराए जाने, निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने, आउट सोर्सिंग में आरक्षण लागू करने, सभी क्षेत्रों में समानुपातिक भागीदारी सुनिश्चित करने, न्यायपालिका में आरक्षण लागू करने की अपनी मांग दोहराई है.
उन्होंने बताया कि संयुक्त मोर्चा 23 सितंबर को राजधानी में महासम्मेलन आयोजित कर रहा है. पहली बार इसमें पिछड़ा वर्ग भी शामिल होगा. सूर्यवंशी ने सम्मेलन में पांच से छह लाख लोगों के आने का दावा किया है. मोर्चा अधिवेशन में अगली रणनीति की घोषणा करेगा. उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकार लेने का हर संभव प्रयास हर स्तर पर किया जाएगा. महेंद्र सिंह ने आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि पूंजीपतियों के पास धन-दौलत इकट्ठी हो गई, उसके खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए. उन्होंने एसटी-एसटी कानून के तहत गलत प्रकरण दर्ज होने को सरकार की नाकामी बताया.
मध्यप्रदेश जाति, जनजाति अधिकारी, कर्मचारी संघ (अजाक्स)ने आरक्षण का विरोध तेज होते देख अब पिछड़े वर्ग को साधने की कवायद शुरु कर दी है. संगठन ने पिछड़े वर्ग को साथ लेकर संयुक्त मोर्चा बनाया है.
मध्यप्रदेश में सपाक्स और अन्य संगठनों द्वारा आरक्षण को लेकर किए जा रहे विरोध को देखते हुए मध्यप्रदेश जाति, जनजाति अधिकारी, कर्मचारी संघ ने पिछड़े वर्ग को साधने की कवायद करते हुए घोषणा कर दी कि वह आरक्षण का विरोध करने वाले राजनीतिक और सामाजिक दल का विरोध करके और आगामी चुनावों में उन्हें वोट नहीं देगा. पिछड़े वर्ग को साथ लेकर बनाए संयुक्त मोर्चा की घोषणा करते हुए अजाक्स के महामंत्री एस.एल. सूर्यवंशी ने कहा कि संघ ने पिछड़े वर्ग के साथ मिलकर मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा बनाया है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में आरक्षित वर्ग के सर्वाधिक मतदाता हैं. आरक्षित वर्ग का संयुक्त प्रयास होगा कि आरक्षित वर्ग के मतदाता केवल आरक्षित वर्ग के पक्ष में अपने मताधिकार का उपयोग करें. किसी भी कीमत पर विधानसभा चुनाव में आरक्षण विरोधी जाति एवं समाज के उम्मीदवारों को वोट नहीं किया जाए. सूर्यवंशी ने अजाक्स संगठन की ओर से एससी एसटी को पदोन्नति में आरक्षण को यथावतृ रखने, ओबीसी को 52 प्रतिशत आरक्षण लागू करते हुए पदोन्नति में भी आरक्षण देने, बैकलाग पदों को आवेदन प्राप्त कर मेरिट के आधार पर चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व भराए जाने, निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने, आउट सोर्सिंग में आरक्षण लागू करने, सभी क्षेत्रों में समानुपातिक भागीदारी सुनिश्चित करने, न्यायपालिका में आरक्षण लागू करने की अपनी मांग दोहराई है.
उन्होंने बताया कि संयुक्त मोर्चा 23 सितंबर को राजधानी में महासम्मेलन आयोजित कर रहा है. पहली बार इसमें पिछड़ा वर्ग भी शामिल होगा. सूर्यवंशी ने सम्मेलन में पांच से छह लाख लोगों के आने का दावा किया है. मोर्चा अधिवेशन में अगली रणनीति की घोषणा करेगा. उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकार लेने का हर संभव प्रयास हर स्तर पर किया जाएगा. महेंद्र सिंह ने आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि पूंजीपतियों के पास धन-दौलत इकट्ठी हो गई, उसके खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए. उन्होंने एसटी-एसटी कानून के तहत गलत प्रकरण दर्ज होने को सरकार की नाकामी बताया.
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