रविवार, 9 सितंबर 2018

जातिगत आधार पर दावेदारों से फंड जुटाएगी बसपा


मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी ने दावेदारों से आवेदन लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है. शनिवार से शुरु की इस प्रक्रिया के तहत अब तक उसके पास  तीन सौ से ज्यादा आवेदन आए हैं. बसपा ने पार्टी के लिए फंड जुटाने हेतु इस बार जातिगत आधार पर फंड जुटाने की प्रक्रिया को अपनाया है.
मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी अब अकेले दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. हालांकि गठबंधन को लेकर उसने अब भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं. पार्टी द्वारा प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों से दावेदारों द्वारा आवेदन लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है. शनिवार से शुरु हुई इस प्रक्रिया में अब तक तीन से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं. इस बार पार्टी ने दावेदारों से फंड जुटाने के लिए अलग-अलग जाति आधार पर प्रक्रिया को अपना है. बताया जा रहा है कि बसपा ने अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के दावेदार से 5 हजार रुपए, पिछड़ा वर्ग के दावेदार से 10 हजार रुपए और सामान्व वर्ग के दावेदार से 15 हजार रुपए पार्टी फंड जुटाया जा रहा है. यह राशि दावेदार को आवेदन के साथ देनी पड़ी  रही है. अब तक पार्टी को जो तीन से आवेदन मिले हैं, वे ग्वालियर-चंबल, विंध्य और बुंदेलखंड अंचल की विधानसभा सीटों के मिले हैं. 
पार्टी के प्रदेश प्रभारी रामअचल राजभर का कहना है कि पार्टी प्रमुख की ओर से इसे लेकर अब तक कोई संकेत नहीं मिले हैं. उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव में जिन सीटों पर बसपा प्रत्याशी दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे थे, उन सभी क्षेत्रों में विशेष तैयारी और रणनीति तैयार की गई है. ऐसी सीटों की संख्या 33 है. अन्य क्षेत्रों में भी जनाधार का आकलन कर तैयारी की जा रही है. पार्टी ने शनिवार से दावेदारों से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरु कर दी है.  बसपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार द्वारा 75 सीटों पर चुनाव जीतने का दावा किया जा रहा है. जबकि शेष सीटों पर बसपा का मत प्रतिशत बढ़ने की बात कही जा रही है. उनका कहना है कि पार्टी का इस बार मत प्रतिशत तो बढ़ेगा ही, साथ ही जीत का ग्राफ भी बढ़ेगा.

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