मंगलवार, 4 सितंबर 2018

सपा, बसपा, गोंगपा एक साथ उतर सकती है मैदान में

कांग्रेस द्वारा गठबंधन को लेकर  अब तक कोई फैसला न किए जाने से चिंतित समाजवादी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतर सकती है. इसके लिए सपा के अखिलेश यादव के नेतृत्व में चर्चाओं का दौर जारी है. 
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी से चर्चा तो चली, मगर गठबंधन को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया. इसके बाद बसपा ने अपनी अलग राह पकड़ी. सर्वे कराकर बसपा ने प्रदेश की विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल अंचल की 70 सीटों को चिन्हित किया है. इसके बाद अब वह समाजवादी पार्टी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरने का मन बना रही है. इसके लिए बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने सपा के साथ संपर्क बढ़ाया है. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव  के साथ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंंह मरकाम की लखनऊ में चर्चा हो चुकी है. साथ ही बसपा के मध्यप्रदेश प्रभारियों रामअचल राजभर और अशोक सिद्धार्थ से भी चर्चा चल रही. 
फिलहाल तीनों दलों ने यह तय किया है कि कांग्रेस द्वारा अगर गठबंधन को लेकर जल्द और सम्मानजनक फैसला नहीं लिया जाता है, तो तीनों दल गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे. सूत्रों की माने तो तीनों दलों के नेताओं ने अपने-अपने प्रभाव वाली सीटों को चिन्हित कर लिया है. साथ ही तीनों दल गठबंधन के तहत बराबर-बराबर सीटों के तहत चुनाव मैदान में उतर सकते हैं.  बसपा के दोनों प्रदेश प्रभारियों ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को प्रदेश की 70 सीटों पर बसपा की बढ़त बताते हुए सर्वे रिपोर्ट सौंप दी है. बसपा के प्रभारी अशोक सिद्धार्थ  का कहना है कि इस बार पार्टी का मत प्रतिशत तो बढ़ेगा ही, साथ ही सीटों में भी इजाफा होगा.
कांग्रेस नेता फोन करते हैं, बैठक नहीं
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम मरकाम का कहना है कि कांग्रेस के नेता गठबंधन को लेकर केवल फोन पर बातचीत करते हैं. इस बातचीत में कहा जाता है कि बैठक कर फाइनल करना है, मगर कोई भी बड़ा नेता इस मामले में गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि बसपा और सपा के साथ मिलकर हमने चुनाव लड़ना का मन बनाया है. छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ हमारी करीब-करीब बात तय हो गई है, केवल घोषणा की जानी है. जबकि मध्यप्रदेश में जल्द ही इस पर फायनल चर्चा होगी. सपा के अखिलेश यादव के नेतृत्व में इस गठबंधन को लेकर चर्चा चल रही है.

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