सवर्ण समाज के बंद के आह्वान का राजधानी भोपाल में खासा असर दिखाई दिया. पेट्रोल पंप और नगर वाहन सेवा भी बंद रही. विभिन्न संगठनों ने रैली निकाली और विरोध प्रदर्शन किया. बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. बंद का असर आज सुबह से ही नजर आया. राजधानी के निजी स्कूलों में अवकाश रहा तो शासकीय स्कूलों में अघोषित अवकाश की स्थिति बनी. बच्चे काफी कम संख्या में स्कूल पहुंचे. करणी सेना और ब्राह्मण समाज ने प्रदर्शन कर सरकार को चूड़ियां भेंट की.
राजधानी में बंद का असर आज सुबह से ही दिखाई दिया. लोगों ने बिना किसी के दबाव में अपने संस्थान बंद रखे. सुबह से दुकाने न खुलने से बाहर से आए लोगों को चाय-पानी के लिए भी तरसना पड़ा. राजधानी में विभिन्न संगठनों ने अपने-अपने तरीके से बंद का समर्थन किया और प्रदर्शन किया. कुछ संगठनों ने रैली निकालकर दुकाने बंद कराई तो कुछ संगठन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी करते रहे.
राजधानी के बोर्ड आफिस चौराहे पर हुए विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र मिश्रा ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने एससीएक्ट में बदलाव करके सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को ठोस पहुंचाई है और सवर्ण समाज का अहित किया है. उन्होंने कहा कि उनका संगठन ७ राज्यों में काम कर रहा है सभी स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंÞग से बाजारों को बंद किया, जिसमें व्यापारियोंं को पूरा समर्थन मिला है. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए करणी सेना की प्रवक्ता किरण सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार सर्वणों के साथ अन्याय कर रही है. उन्होंने कहा कि करनी सेना को विरोध निरंतर जारी रहेगा. सरकार आरक्षण को लेकर एकतरफा निर्णय लेकर सर्वणों के साथ न्याय नहीं कर रही है.
चूनाभट्टी चौराहे पर धर्मेन्द शर्मा के नेतृत्व में विरोध किया गया. अवधपुरी, इन्द्रपुरी सोनागिरी क्षेत्र में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी सहित कार्यकर्ताओं ने दुकानों को बंद कराया. उन्होंने बताया कि इन्द्रपुरी व्यापारी संघ का बंद में पूरा सहयोग मिला. वहीं कोलार एवं बैरागढ़ में भी बंद के दौरान बाजारों में दुकानें नहीं खुली. बाजार बंद होने से लोगों को आवश्यक वस्तुओं को लेकर परेशानी से जूझना पड़ा.
सांसद और सरकार के खिलाफ नारेबाजी
बोर्ड आफिस चौराहे पर सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने सांसद आलोक संजर और केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. समाज के एक व्यक्ति को सरकार और सांसद का प्रतीक बनाकर चूड़ी पहनाई और मांग भरी. विरोध प्रदर्शन में पुष्पेन्द्र मिश्रा, किरण सिंह, उमेश तिवारी, वीरेन्द्र तिवारी सहित अनेक लोग मौजूद थे. प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लहराकर एससी एसटी एक्ट का विरोध किया.
बंद रहे निजी स्कूल, सरकारी में अघोषित छुट्टी
सवर्ण समाज के बंद के चलते निजी स्कूलों में संचालकों ने छुट्टी कर दी थी. वहीं शासकीय स्कूलोंं में अघोषित अवकाश रहा. जो स्कूल खुले भी तो उनमेंबच्चों की संख्या काफी कम रही है. सहोदय ग्रुप के अध्यक्ष फादर एथनस लाकरा ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से एक दिन पहले ही शहर के स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया था, इसकी सूचना बच्चों के अभिभावकों को एसएमएस से दी गई थी. वहीं निजी स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने भी स्कूल बंद होने की पुष्टि की है.
तैनात रहे तीन हजार जवान
राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे. पुलिस थानों के बल समेत करीब तीन हजार जवान तैनात किए गए थे. मैदानी अधिकारियों ने सुबह से ही पेट्रोलिंग शुरू कर दी थी. बोर्ड आफिस, दस नंबर, रोशनपुरा समेत सभी प्रमुख चौराहों पर सुबह से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि थानों के बल को सुबह से ही सड़कों पर तैनात किर दिया गया. बाहरी इलाकों से आने वाली गाड़ियों पर विशेष तौर पर नजर रखी गई. जिला पुलिस बल के अलावा आरएएफ, क्यू आरएफ, एसएएफ व डीजी रिजर्व बल भी तैनात किया गया था.
मुख्यमंत्री निवास घेरने आए किसान गिरफ्तार
सरकारी जमीन पर पट्टा दिए जाने की मांग को लेकर सैकड़ों किसान भोपाल पहुंचे. वे सभी मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की तैयारी में थे. स्टेशन पर मौजूद जीआरपी ने सभी किसानों को गिरफ्तार कर उन्हें रेलवे ग्राउंड में बंद कर दिया. किसानों की मांग है कि सरकारी जमीन पर उन्हें पट्टा दिया जाए. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से उनके संगठन ने कई बार मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया था कि जल्द ही पट्टा दिया जाएगा, लेकिन साल भर से पट्टा नहीं दिया गया है. इसके चलते सभी किसानों ने फैसला किया है कि मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर विरोध करेंगे.
मंत्री ने कहा बंद में अपरोक्ष रुप से कांग्रेस का हाथ
राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सवर्ण समाज के भारत बंद को राजनीतिक करार दिया है. उन्होंने अपरोक्ष रूप से इसके पीछे कांग्रेस का हाथ होने का भी आरोप लगाया है. इस बीच भारत बंद को देखते हुए राज्यभर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव करीब है और इसी के चलते भारत बंद को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कभी भी समाज में बंटवारा करने का मकसद नहीं रहा है. वहीं कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह सत्ता पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है. गुप्ता ने कहा कि भाजपा हमेशा समाज और सभी वर्गों के हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है लेकिन कांग्रेस हर मामले में राजनीति करती है. भारत बंद में भी कांग्रेस का संरक्षण हासिल है.
मंत्री भोपाल में, जानते रहे क्षेत्र का हाल
बंद के दौरान आज अधिकांश मंत्री अपने क्षेत्रों और प्रभार वाले जिलों में न जाकर भोपाल में ही रहे. वे अपने बंगले से ही जानकारी हासिल करते रहे. मंत्री गोपाल भार्गव, कुसुम महदेले, यशोधरा राजे सिंधिया, गौरीशंकर बिसेन, रुस्तमसिंह, दीपक जोशी, रामपालसिंह, विजय शाह आदि भोपाल में थे. वे अपने निवास से क्षेत्रों और प्रभार वाले जिलों की जानकारी लेते रहे.
भूरिया ने कहा भाजपा ने किया लड़ाने का काम
रतलाम-झाबुआ के सांसद कांतिलाल भूरिया ने कहा कि एससी, एसटी एक्ट में संशोधन कर भाजपा ने समाज के बीच झगड़े कराने का काम किया है. उन्होंने कहा कि वोट की राजनीति के चलते भाजपा ने यह काम किया. उन्होंने कहा कि इससे समाज में एकजुटता तो नहीं रहेगी, बल्कि टकराव होता रहेगा. उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के गरीब तबके के लोगों को आरक्षण की सुविधा दी जानी चाहिए.
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