मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा गौ शालाओं को लेकर की गई घोषणा के बाद भाजपा सकते में आ गई. कांग्रेस के पास गाय का मुद्दा जाते देख भाजपा ने सक्रियता दिखाई और गायों की दुर्दशा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें दोषी ठहराया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अब विधानसभा चुनाव को देखते हुए हिन्दुत्व कार्ड खेला है. उन्होंने भाजपा को मात देने के लिए प्रदेश की हर पंचायत में गौशाला खोलने की घोषणा कर दी. कमलनाथ ने कहा कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो वे राज्य की सभी 23026 ग्राम पंचायतों में गौशाला खोलेंगे. उन्होंने कहा कि सड़कों पर बड़ी संख्या में गायें मर रही हैं, लेकिन भाजपा केवल राजनीति कर रही है. मैं गायों को मरते हुए नहीं देख सकता हूं, इसलिए मैंने वचन दिया है कि हरेक ग्राम पंचायत में हम गोशाला खोलेंगे, यह वादा है.
कमलनाथ की इस घोषणा के बाद भाजपा में चिंता हुई. भाजपा ने अपने मुद्दे को कांग्रेस के पास जाता देख गायों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराना उचित समझा. भाजपा की ओर से प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने मोर्चा खोला और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर हमला बोला. अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में गायों की दुर्दशा के लिए कोई और नहीं बल्कि दिग्विजय सिंह जिम्मेदार हैं.
उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में गायों के चरने के लिए जमीन तक रहने नहीं दी. गायों की चारागाह की जमीन (चरौखर) को उन्होंने अपने हितैषी और ऐसे लोगों को दी, जो अवैध तरीके से उस जमीन पर कब्जा जमाए हुए थे. सिंह के इस फैसले के बाद राज्य में कई स्थानों पर हिंसा भी हुई. दिग्विजय सिंह के इस फैसले के चलते आज राज्य में यह स्थिति निर्मित हो गई है कि गायों के चरने की जगह ही नहीं बची है. अग्र्रवाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बयान को एक राजनीतिक बयान बताया और कहा कि कांग्रेस या फिर कमलनाथ को गायों की चिंंता नहीं है, यह तो वोटों की राजनीति है.

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