उज्जैन में पेट्रोल पंपों बंद कराने को लेकर हुई झड़प, कटनी, जबलपुर में रोकी रेल
मध्यप्रदेश के मालवा और महाकौशल में भारत बंद का असर दिखाई दिया. वहीं अन्य अंचलों में बंद का मिला-जुला असर रहा. कटनी में रेल रोकी तो मालवा निमाड़ में पेट्रोल पंपों पर तोड़-फोड़ की सूचनाएं मिली. हालांकि पुलिस प्रशासन ने बंद को शांतिपूर्ण बताया और बंद के दौरान विभिन्न हिस्सों में 100 से ज्यादा गिरफ्तारी होने की बात कही.
कांग्रेस और अन्य दलों के भारत बंद का मध्यप्रदेश के महाकौशल और इंदौर अंचल में असर दिखाई दिया. महाकौशल के जबलपुर और कटनी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया. वहीं जबलपुर में ये कार्यकर्ता ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. इसी तरह ग्वालियर-चंबल अंचल में आज सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. बंद के दौरान पुलिस बल तैनात था, फिर भी कांग्रेस कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालने में सफल रहे. वहीं 6 सितंबर की तरह आज भी पेट्रोल पंपों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पूरे अंचल में पुलिस बल तैनात रहा.
गुना जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में आज कांग्रेस विधायक महेन्द्र यादव को सवर्णों के विरोध का सामना करना पड़ा. कांग्रेस विधायक यादव समर्थकों के साथ जब बंद कराने की अपील करने के लिए बाजार में निकले तो सवर्णों ने उन्हें घेर लिया. सवर्णों का कहना था कि कांग्रेस हमारा साथ दे, तो हम आपके बंद में साथ दें. इसे लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई, मगर बाद में मामले को शांत कर दिया गया.
जबरिया पेट्रोल पंप बंद कराए मालवा निमाड़ में
प्रदेश के मालवा अंचल के इंदौर में शहर में सुबह से ही बंद को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे. क्षेत्र में घूम-घूम कर वे दुकानें और पेट्रोल पंप बंद करवाते नजर आए. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शराब दुकानों को भी बंद करवा दिया. बंद के दौरान सीबीएसई स्कूलों के साथ ही अन्य स्कूल और कॉलेज की भी छुट्टी कर दी गई है. हालांकि राजबाड़ा, सियागंज, दवा बाजार, खजूरी बाजार सहित सभी बड़े बाजार बंद हैं. बंद को देखते हुए डीएवीवी ने 10 से अधिक परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं. वहीं शहर के अधिकांश स्कूल कॉलेज बंद ही रहे.
उज्जैन में पेट्रोल पंप बंद करवाने के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई. विवाद में पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में एक युवक घायल हो गया है. वहीं नीमच के मनासा में रैली के रूप दुकान बंद करवा रहे 15 से ज्यादा कांग्रेसियों को पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने पर हिरासत में लिया है. कांग्रेस के इस बंद का मालवा-निमाड़ में व्यापक असर देखने को मिला है. धार, खंडवा, खरगौन, बडवानी, झाबुआ, रतलाम, मन्दसौर, बुरहानपुर आदि भी बंद रहे.
प्रशासन का दावा बंद रहा शांतिपूर्ण
कांग्रेस के बंद को पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण बताया. आईजी इंटीलिजेंस मकरंद देऊस्कर ने बताया कि प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की झड़प होने की बातें सामने आई है. जिन जिलों में इस तरह की झड़पे हुई उनमें उज्जैन, कटनी और जबलपुर में सबसे ज्यादा कांग्रेसियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. आईजी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में भारत बंद शांति पूर्ण रहा. इस दौरान 110-115 लोगों को गरिफ्तार किया गया. ये संख्या बढ़ भी सकती है. उन्होंने कहा कि उज्जैन, कटनी और जबलपुर में हुई घटनाओं के मामले में केस दर्ज किया गया है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में कोई बड़ी घटना की खबर नहीं मिली है. इन तीनों जिलों में कुछ लोगों में जबरन बंद की कोशश की और कई पेट्रोल पंप को निशाना भी बनाया. ऐसे लोगों से निपटने के लिए पुलिस ने उनपर मामला दर्ज किया है.
मध्यप्रदेश के मालवा और महाकौशल में भारत बंद का असर दिखाई दिया. वहीं अन्य अंचलों में बंद का मिला-जुला असर रहा. कटनी में रेल रोकी तो मालवा निमाड़ में पेट्रोल पंपों पर तोड़-फोड़ की सूचनाएं मिली. हालांकि पुलिस प्रशासन ने बंद को शांतिपूर्ण बताया और बंद के दौरान विभिन्न हिस्सों में 100 से ज्यादा गिरफ्तारी होने की बात कही.
कांग्रेस और अन्य दलों के भारत बंद का मध्यप्रदेश के महाकौशल और इंदौर अंचल में असर दिखाई दिया. महाकौशल के जबलपुर और कटनी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया. वहीं जबलपुर में ये कार्यकर्ता ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. इसी तरह ग्वालियर-चंबल अंचल में आज सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. बंद के दौरान पुलिस बल तैनात था, फिर भी कांग्रेस कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालने में सफल रहे. वहीं 6 सितंबर की तरह आज भी पेट्रोल पंपों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पूरे अंचल में पुलिस बल तैनात रहा.
गुना जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में आज कांग्रेस विधायक महेन्द्र यादव को सवर्णों के विरोध का सामना करना पड़ा. कांग्रेस विधायक यादव समर्थकों के साथ जब बंद कराने की अपील करने के लिए बाजार में निकले तो सवर्णों ने उन्हें घेर लिया. सवर्णों का कहना था कि कांग्रेस हमारा साथ दे, तो हम आपके बंद में साथ दें. इसे लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई, मगर बाद में मामले को शांत कर दिया गया.
जबरिया पेट्रोल पंप बंद कराए मालवा निमाड़ में
प्रदेश के मालवा अंचल के इंदौर में शहर में सुबह से ही बंद को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे. क्षेत्र में घूम-घूम कर वे दुकानें और पेट्रोल पंप बंद करवाते नजर आए. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शराब दुकानों को भी बंद करवा दिया. बंद के दौरान सीबीएसई स्कूलों के साथ ही अन्य स्कूल और कॉलेज की भी छुट्टी कर दी गई है. हालांकि राजबाड़ा, सियागंज, दवा बाजार, खजूरी बाजार सहित सभी बड़े बाजार बंद हैं. बंद को देखते हुए डीएवीवी ने 10 से अधिक परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं. वहीं शहर के अधिकांश स्कूल कॉलेज बंद ही रहे.
उज्जैन में पेट्रोल पंप बंद करवाने के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई. विवाद में पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में एक युवक घायल हो गया है. वहीं नीमच के मनासा में रैली के रूप दुकान बंद करवा रहे 15 से ज्यादा कांग्रेसियों को पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने पर हिरासत में लिया है. कांग्रेस के इस बंद का मालवा-निमाड़ में व्यापक असर देखने को मिला है. धार, खंडवा, खरगौन, बडवानी, झाबुआ, रतलाम, मन्दसौर, बुरहानपुर आदि भी बंद रहे.
प्रशासन का दावा बंद रहा शांतिपूर्ण
कांग्रेस के बंद को पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण बताया. आईजी इंटीलिजेंस मकरंद देऊस्कर ने बताया कि प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की झड़प होने की बातें सामने आई है. जिन जिलों में इस तरह की झड़पे हुई उनमें उज्जैन, कटनी और जबलपुर में सबसे ज्यादा कांग्रेसियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. आईजी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में भारत बंद शांति पूर्ण रहा. इस दौरान 110-115 लोगों को गरिफ्तार किया गया. ये संख्या बढ़ भी सकती है. उन्होंने कहा कि उज्जैन, कटनी और जबलपुर में हुई घटनाओं के मामले में केस दर्ज किया गया है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में कोई बड़ी घटना की खबर नहीं मिली है. इन तीनों जिलों में कुछ लोगों में जबरन बंद की कोशश की और कई पेट्रोल पंप को निशाना भी बनाया. ऐसे लोगों से निपटने के लिए पुलिस ने उनपर मामला दर्ज किया है.

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