शुक्रवार, 7 सितंबर 2018

फर्जी काल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले पकड़ाए

फर्जी काल सेंटर चलाकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों को पुलिस ने पकड़ा है. गिरोह के पकड़े गए 7 सदस्यों के पास से 12 लाख अमेरिकी नागरिकों का डाटा जब्त किया है.
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार पकड़ाए गए आरोपी एक गिरोह संचालित कर अमेरिकी नागरिकों से लोन सेटलमेंट के नाम पर वित्तीय ठगी करने का काम लंबे समय से कर रहे थे. आरोपी राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र स्थित इंद्रपुरी इलाके में एक फ्लैट किराए पर लेकर यह फर्जी काल  सेंटर चला रहे थे. वह स्वयं को ला एन्फोर्समेंट अधिकारी बताकर ठगी करते थे. आरोपियों के पास से 12 लाख अमेरिकी नागरिकों का व्यक्तिगत डाटा जब्त किया गया है.  आरोपी ईबे और अमेजोन जैसी वेबसाइट के माध्यम से अमेरिकी साफ्टवेयर एवं हार्डवेयर खरीदकर अमेरिका में कालिंग किया करते थे. वह बिटक्वाइन वालेट व मनीग्राम के जरिए ठगी के पैसे प्राप्त करते थे.  साइबर क्राइम पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. पूछताछ में अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है.
पुलिस के अनुसार पकड़ाए गए आरोपियों की पहचान अभिषेक पाठक पिता सुरेश पाठक उम्र 22 वर्ष निवासी अहमदाबाद, रामपाल सिंह पिता काशी सिंह उम्र 29 वर्ष निवासी भोपाल, वत्सल दीपेश भाई गांधी पिता दीपेश भाई गांधी उम्र 25 वर्ष निवासी अहमदाबाद, मोहम्मद फरहान खान पिता हसीब खान उम्र 19 वर्ष निवासी अशोका गार्डन भोपाल, मौर्य श्रवणकुमार पिता रामप्रकाश उम्र 19 वर्ष निवासी अहमदाबाद, शुभम गीते पिता धनराज गीते उम्र 19 वर्ष निवासी आमला बैतूल और सौरभ राजपूत पिता राजकुमार राजपूत उम्र 19 वर्ष निवासी सिरोंज विदिशा, के रूप में हुई है.
10 रुपए के लालच में गवाएं 10 हजार
 बैरसिया थाना पुलिस के अनुसार प्रभुलाल नामक 70 वर्षीय वृद्ध ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके पास एक यवुक आया और  उसे  10 रुपए के नोट नीचे गिरने की बात कही.  प्रभुलाल ने जब नीचे झुककर देखा, तो 10 रुपए के 5 नोट नीचे पड़े हुए थे. जब प्रभुलाल नीचे पड़े नोटों को उठाने के लिए झुके, तो आरोपी ने प्रभुलाल के गाड़ी में रखे 10 हजार रुपए नगद चुरा लिए. इसके बाद आरोपी मौके पर से फरार हो गया.  पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज करने के बाद से अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है.

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