मुख्यमंत्री के हमले के विरूद्ध पिछड़ा वर्ग ने निंदा प्रस्ताव पारित कियामुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पर जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान हुआ कायराना हमला बर्दाश्त के काबिल नहीं है. हम ऐसा मानते है कि मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान किया गया जानलेवा हमला किसी व्यक्ति पर हमला नहीं है, यह समूचे पिछड़ा वर्ग समाज पर हमला है. उसके सम्मान और स्वाभिमान पर हमला है और संवैधानिक व्यवस्था पर हमला है. इसलिए पिछडा वर्ग समाज मुख्यमंत्री पर हुए कायराना हमले का समुचित जवाब देगा.
इस आशय का निंदा प्रस्ताव आज भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की एक बैठक में वरिष्ठ सांसद प्रहलाद पटेल ने रखा, जिसका समर्थन सांसद गणेश सिंह ने किया. पूरे सदन ने खड़े होकर और हाथ उठाकर प्रस्ताव को पारित किया. प्रस्ताव रखते हुए प्रहलाद पटेल ने कहा कि पिछडा वर्ग समाज का वह महत्वपूर्ण अंग है, जिसने सदैव अगड़ी जातियों और अनुसूचित वर्ग को जोड़ने के लिए कड़ी का काम किया है.पहले भी किया है, आज भी कर रहे है और आगे भी करेंगे.जिन लोगों को पिछडे वर्ग की समाज को जोडने वाली यह भूमिका पसंद नहीं है उन्होंने हमारी समरसता की इस मुहिम को बाधित करने के लिए ही षिवराजसिंह जी पर हमला कराने का षडयंत्र किया है. सामंती मानसिकता से ग्रसित कांग्रेस के लोगों के इस हमले से पिछडा वर्ग समाज में गहरा आक्रोष है. मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह सहज और सरल होने के कारण ऐसे कायराना हमले को सहन कर सकते हैं, लेकिन हम हमारे समाज के प्रमुख व्यक्ति पर हुए हमले को आत्मस्वाभिमान और सामाजिक सम्मान से जोडकर ही देखते है.यह हमला तात्कालिक नहीं था, बल्कि सोची समझी साजिश का हिस्सा था.चुरहट के गांव गांव में जाकर पिछडे वर्ग से आने वाले मुख्यमंत्री पर हमले की योजना बनाई गई. कांग्रेस समाज में टूटन के कितने भी प्रयास कर ले लेकिन हम सफल नहीं होने देंगे.हमने समाज को सदैव जोड़ने का काम किया है.
महासम्मेलन 10 को सतना में
पिछड़ा वर्ग समाज आने वाली 10 सितंबर को सतना में एक महासम्मेलन आयोजित करने जा रहा है. उस सम्मेलन में भी 2 लाख से अधिक की संख्या में एकत्रित होने वाले पिछडा वर्ग के भाई बहनों को कांग्रेस की इस हरकत से अवगत कराया जाएगा. इसके अलावा जिले जिले में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित कर हम लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस के कायराना हमले का विरोध करेंगे और अगड़े, पिछड़े तथा अनुसूचित जाति वर्ग के समाज के बीच सामंजस्य, भाईचारा और एकता के लिए अपना पसीना बहाएंगे.
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