प्रदेश के स्कूलों में नामांकन की दर को बढ़ाने के लिए सतत रूप से प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए स्कूल चलें हम अभियान में जन-भागीदारी को बढ़ाया गया है.
प्रदेश में वर्ष 2002 से वर्ष 2016-17 के बीच शाला से बाहर के 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों की संख्या 6.2 लाख से घटकर 0.58 लाख हो गई है. वर्ष 2002 से वर्ष 2016-17 के बीच शाला-त्याग दर (प्राथमिक) 15 से घटकर 4.9 हो गई है. वहीं माध्यमिक में शाला-त्याग दर 24.7 से घटकर 6.7 हो गई है. सेकेण्डरी में शाला-त्याग दर में भी कमी आयी है. यहां यह दर 32 से घटकर 14.5 रह गई है. वर्ष 2002 से वर्ष 2016-17 के बीच शाला अंतरण दर (सेकेण्डरी) 53 से बढ़कर 84.1 हो गयी है. इसी तरह, शाला अंतरण दर (हायर सेकेण्डरी) 41 से बढ़कर 61 हो गई है.
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