गुरुवार, 19 जुलाई 2018

स्वामी अग्निवेश पर हमला नए खतरे की ओर ईशारा दे रहा है : सजप

स्वामी अग्निवेश पर झारखंड में हुआ हमला और उस पर सत्ताधारी भाजप की प्रतिक्रिया हर तरह से निंदनीय हैे समाजवादी जन परिषद इस घटना और इस पर राज्य और सरकार की ढिलाई और प्रतिक्रिया की भी तीव्र भर्त्सना करता है, सजप ने कहा कि इस तरह से 1992  में मध्यप्रदेश में सुन्दरलाल पटवा सरकार के समय पूर्व राष्ट्रीय एस सी एस टी आयोग के अध्यक्ष दिवंगत ब्रहमदेव शर्मा के साथ भी जगदलपुर में आने वाले स्टील प्लांट का विरोध करने के कारण इसी तरह हुआ से था, तब लोगों के विरोध के चलते भाजप सरकार 1994  में दुबारा सत्ता में नहीं आ पाई. उक्त घटना से भाजपा को सबक लेना चाहिए. 
सजप यह मांग करता है, कि इस मामले में ना सिर्फ दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो, बल्कि राजनैतिक पार्टिया इस घटना का समर्थन करने वाले नेताओं के खिलाफ भी कार्यवाही करेें दुख: और आश्चर्य की बात यह है: यह सब ऐसे समय में हुआ है, जब सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले ही भीड़ व्दारा कानून अपने हाथ में लिए जाने के खिलाफ अपना फैसला सुनाते हुए राज्य सरकारों को कड़ी हिदायते दी थी. इस तरह की घटना और उस घटना पर कार्यवाही के लिए जवाबदार सरकार के नेताओं का जवाब एक नए खतरे की तरफ ईशारा दे रहा है. ऐसा लगता है, देश में एक समूह ऐसा तैयार हो रहा है, जो उसके अनुसार मंजूर विचार ना बोलने वाले, उसे मंजूर कपडेÞ ना पहनने, और उसके अनुसार मंजूर खाना ना खाने वाले को सरेआम पीटेगा और मौका लगा तो कत्ल भी कर देगा. यह ना सिर्फ विचारों की स्वतंत्रता के खिलाफ है, बल्कि यह देश की शांति और विकास के लिए भी सही नहीं है. 
यह समूह कल बोलेंगे आप अपनी लडकीयों को छूट मत दो; उन्हें घर में रखो और ज्यादा आगे मत पढाओे यह समूह वैज्ञानिक सोच के भी खिलाफ खड़े होंगे और यह हिन्दू धर्म में जो स्वतंत्र विचार और अलग-अलग धारा और ज्ञान सैंकड़ो सालों में संचित हुआ है उसे भी नष्ट कर देंगे इस सबके खिलाफ आमजनता और प्रबुद्ध वर्ग को आगे आना होगा.

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