मध्यप्रदेश की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल दो दिवसीय भ्रमण पर खरगोन पहुंची. आज गुरूवार को उन्होने राज्य स्तरीय जैव विविधता पुरस्कार से सम्मानित संस्था आस्था ग्राम ट्रस्ट का अवलोकन किया. आस्था ग्राम द्वारा सघन वृक्षारोपण कर बनाए गए जंगल सफारी का बैलगाड़ी में सवार होकर लुत्फ लिया. इससे पूर्व आस्था ग्राम के स्वागत द्वार पर उन्होंने त्रिवेणी रोपित की. उनके साथ ट्रस्ट की संचालिका डॉ. मेजर अनुराधा, कलेक्टर श्री शशि भूषण सिंह, अपर कलेक्टर एमएल कनेल एवं पीटीएस इंदौर पुलिस अधीक्षक अजयसिंह उपस्थित रहे. राज्यपाल पटेल ने आस्था ग्राम में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों की सांकेतिक भाषा को जानकर अभिभूत हुई. यहां उन्होंने श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित, मूकबधिर और मानसिक रोगी को दी जाने वाली शिक्षा को गहराई से जाना. संस्था के दिव्यांग बच्चों ने कई ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए, जिनको देख राज्यपाल अद्भूत कह उठी. यहां उनसे एक सामान्य बच्चें को राज्यपाल ने अपनी माता का नाम बताया. श्रवणबाधित बच्चे ने इशारों से राज्यपाल की माता ना समझा और स्लेट पर लिख दिया. इसके बाद सप्ताह के दिनों का नाम भी उन्होंने इशारों से समझकर लिखा. संस्था के बच्चों ने समेकित के जादू, तिकड़ी का कमाल, तुम डाल- डाल तो हम पात-पात कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगों के हुनर को जाना. यहां के बच्चों ने संक्षिप्त नाटिका सबसे बुद्दु कौन के माध्यम से स्वच्छता का सबसे सुंदर संदेश दिया.
राज्यपाल का दिव्यांगों को संदेश
दिव्यांगों को राज्यपाल पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों से मिलकर में बहुत खुश हूं, जो आत्मनिर्भर होने के लिए आपस में जिस तरह का व्यवहार और आपस में एक-दूसरें को भाषा सिखलाते है. यह प्राकृतिक व्यवहार को बताता है. बच्चे ही बच्चे को बेहतर तरीके से समझा सकते है. यहां देखा जा सकता है. मुझे यह पहली संस्था लगी, जहां सभी तरह के दिव्यांग बच्चे सामान्य बच्चों के समान रहते है. आप लोगों से हमे बहुत कुछ सीखने को मिला है. आप सभी से में सिखकर जा रही हूं. आप सभी पर ईश्वर का आशीर्वाद बना रहे.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें