शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

प्रभावी बनाया जाएगा संवेदनशील श्रेणी के अपराधों की विवेचना को

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पुलिस कर्मियों को दिए उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं, बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने में मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है. उन्होंने कहा कि संवेदनशील श्रेणी के अपराधों की विवेचना को और ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा ताकि मानवता को कलंकित करने वाले दरिंदे बच नहीं पाएं. विवेचना से जुड़े पुलिस अमले को और ज्यादा सुविधाएं देने पर भी विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों और अभियोजन से भी ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट शुरू करने का अनुरोध किया गया है.
 चौहान ने आज महिलाओं और बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने वाले पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास परिसर में सम्मानित किया. इनमें डीआईजी, पुलिस अधीक्षक, फोरोंसिक सार्इंस लैब के अधिकारी, पुलिस कांस्टेबल और अभियोजन अधिकारी शामिल हैं.  चौहान ने कहा कि जिन दरिंदों ने मानवता को कलंकित किया, इंसानियत का खून किया, बेटियों की गरिमा को अपमानित किया, ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा दिलवाकर प्रदेश की पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने समाज में सुरक्षा का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मन को पीड़ा पहुंचाती हैं, लेकिन दरिंदों को कड़ी सजा दिलवाकर संतोष भी होता है. दरिंदे किसी भी हालत में बचना नहीं चाहिए. चौहान ने कहा कि शैतानों के कोई मानव अधिकार नहीं होते. धरती को ऐसे दरिंदों के बोझ से मुक्त कर देना चाहिए. फांसी ही इनके लिए एकमात्र सजा हो सकती है.
संस्कार देने चलाया जाएगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है. ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को रिकार्ड समय में फांसी की सजा मिली. उन्होंने कहा कि समाज में दूषित मानसिकता वालों को सुधारने के लिए उन्हें संस्कार देने का अभियान चलाना चाहिए, लेकिन यह एक लंबी प्रक्रिया है और कुछ दरिंदों पर इनका कोई असर नहीं होता. वे अपराध करते रहते हैं. ऐसे अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होना जरूरी है. चौहान ने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के उत्कृष्ट प्रयासों और टीम वर्क की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों को सजा दिलाना समाज सेवा का काम है. उन्होंने फांसी की सजा सुनाने वाली अदालतों को भी नमन करते हुए कहा कि अत्यंत संवेदनशील प्रकरणों में न्यायालयों ने भी तत्परता से न्याय देने का काम किया है.
प्रदेशभर में लगाए 10 हजार सीसीटीव्ही कैमरे
पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला ने कहा कि डिजिटल टेक्नालाजी के उपयोग से विवेचना में प्रक्रिया में तेजी आयी है और अपराधों का तथ्यामक विश्लेषण करने में मदद मिली है. उन्होंने बताया कि सभी जिलों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने से अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में काफी मदद मिली है. सभी जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में 10 हजार सीसीटीव्ही कैमरे लगाए गये हैं. डीएनए परीक्षण की टेक्नालाजी के उपयोग से भी अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध हुए जघन्य अपराधों में अपराधियों की विवेचना कर उन्हे सजा दिलवाने में अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधिकारी और समाज के सहयोग से पूरी टीम ने काम किया है.

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