रविवार, 18 फ़रवरी 2018

दिग्विजय सिंह ने मोदी, शिवराज से मांगी 100 एकड़ जमीन

दिग्विजय सिंह 

हीरापुर स्टेट के पूर्व राजाओं के वंशजों के साथ हो रहा अन्याय

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के हीरापुर स्टेट के वंशजों को 100 एकड़ जमीन दिलाने के लिए कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने मोदी और शिवराज को पत्र लिखा है. दिग्विजय सिंह का मानना है कि नरसिंहपुर के हीरापुर स्टेट के पूर्व राजा के वंशजों के साथ अन्याय हो रहा है. सिंह ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की है कि हीरापुर के पूर्व राजा हिरदेशाह जूदेव लोधी के वंशज कौशलेन्द्र सिंह जूदेव लोधी की उनके पूर्वजों के समय से चले आ रहे आधिपत्य की 100 एकड़ जमीन उनके नाम करें. इसके अलावा, सिंह ने मोदी एवं चौहान ने अनुरोध किया कि वे हीरागढ़ के शहीद हिरदेशाह की स्मृति में ग्राम हीरापुर में स्तंभ लगवाने एवं राजा हिरदेशाह को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में जोड़ने के लिए उचित निर्देश जारी करे.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत हीरापुर (ब्रिटिश शासनकाल में हीरागढ़ स्टेट) के राजाओं की 1857 की स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका रही है. 1857 से पहले हीरागढ़ एक स्वतंत्र रियासत थी, जिसके राजा हिरदेशाह जूदेव लोधी ने अंग्रेजों के खिलाफ 1842 से संघर्ष प्रारंभ कर दिया था, जो 1857 में उनके शहीद होने तक जारी रहा. उनके शहीद होने के बाद उनकी रियासत की समस्त संपत्तियों को ब्रिटिश सरकार ने राजसात कर लिया और किले को आग लगा दी गई. इसके बाद 15 अगस्त 1957 मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैलाशनाथ काटजू ने राजा हिरदेशाह जूदेव लोधी और उनके वंशजों के लिए विरासत के तौर पर सौ एकड़ जमीन देने के आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद आज तक उस आदेश को लागू नही किया है और ना ही उन्हें सौ एकड़ जमीन दी  गई है. जिसके चलते वे आज भूमिहीन है.  अब राजा के ये वंशज भूमिहीन है, और समय-समय पर प्रदेश सरकार द्वार प्रताड़ित होते आ रहे है.  उन्होंने लिखा है कि मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा हीरापुर के हिरदेशाह तथा 1857 की क्रांति सागर एवं नर्मदा क्षेत्र पुस्तकों का प्रकाशन भी किया गया है, जिसमें हीरागढ़ स्टेट के राजाओं का संघर्ष और उनकी संपत्तियों को राजसात करने के प्रमाण मौजूद हैं. सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस बात को स्वीकार करती है कि हीरागढ़ के राजा हिरदेशाह ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महाकौशल क्षेत्र को संगठित कर अंग्रेजों का मुकाबला किया. 25 मार्च 2017 को तहसीलदार नरसिंहपुर द्वारा कलेक्टर नरसिंहपुर को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट करते हुए लिखा है कि राजा हिरदेशाह की संपत्तियों को राजसात किया गया था तथा आज उसी वंश के वंशज कौशलेन्द्र सिंह जूदेव लोधी भूमिहीन हैं. यद्यपि पूर्वजों की 100 एकड़ भूमि पर आज भी इनका कब्जा है, जिसे मध्यप्रदेश सरकार अवैध मानती है तथा समय-समय पर इन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है.  मेरा आपसे अनुरोध है कि हीरागढ़ स्टेट जिसे वर्तमान में हीरापुर नाम से जाना जाता है, के राजा कौशलेन्द्र सिंह जूदेव के उनके पूर्वजों के समय से चले आ रहे आधिपत्य की 100 एकड़ जमीन उनके नाम करने, हीरागढ़ के शहीद हिरदेशाह की स्मृति में ग्राम हीरापुर में स्तंभ लगवाने एवं राजा हिरदेशाह को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची में जोड़ने हेतु उचित निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें