मुख्यमंत्री शिवराजसिंंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिस्टम में लेकर कुछ खामियां हो सकती है, मगर मुझे इस बात का गर्व है कि प्रदेश की पुलिस अच्छा कार्य कर रही है. उन्होंने नसीहत भी दी कि जरुरत इस बात की है कि पुलिस को वर्दी के अहंकार से दूर रहना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने ये बात आज राज्य विधानसभा में आईपीएस मीट के शुभारंभ अवसरपर कही. उन्होंने कहा कि कट्टरवाद से निपटने के लिए उदारता के साथ सोचना होगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह की गतिविधियां चल रही है, वे चिंता का विषय हैं.उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को आज दुरुपयोग हो रहा है. कई बार सोशल मीडिया पर वह हो जाता है जो आपने किया ही नहीं है.पुलिस के साथ रोजाना होता है, बाद में सफाई देते रहे. उन्होंने कहा कि हमारी सर्विस को नौकरी नहीं कह सकते, 24 घंटे डटे रहो. आलोचना करना आसान है,मेरी अंतरआत्मा पुलिस के साथ खड़ी रहती है, जो त्योहार भी नहीं मानते. उन्होंने कहा कि आज कितने आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने सीने पर गोली खाई है. उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार के लिए अवसर निकालना चाहिए.निष्पक्ष रहकर काम करने की जरुरत है. उन्होंने पुलिस के तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस को जब भी जो काम सौंपा, वह उसने किया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदेश से डकैतों का, सिमी का सफाया किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अफसर हमेशा उत्साह से भरे रहें. सर्विस मीट में हल्के होकर मिले, टेंशन से दूर रहें.
पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि आज भी पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद की कमी है. कई बार ऐसे अवसर आते हैं, जब पुलिस को अपमानजनक स्थिति का सामना भी करना पड़ता है. हमारी समाज से अपेक्षा है कि वह हमारे साथ हाथ से हाथ थामकर सहयोग करे.
सोशल मीडिया बड़ी चुनौती
मीट को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने कहा कि जैसा माहौल होता है, वैसी ही चुनौती भी होती है.पुलिस को उसी के अनुरुप काम करना पड़ता है. हमारे सामने सोशल मीडिया सबसे बड़ी चुनौती है, यह दो धारी तलवार के समान है.गड़बड़ी फैलाने में भी अब यह अहम भूमिका का निर्वाह कर रही है.उन्होंने कहा कि आरटीआई का भी स्वरुप बिगड़ा है.इस मीट में अधिकारी सुशासन पर चर्चा करें और प्रदेश को बेहतर बनाने का प्रयास करें.
मुख्यमंत्री ने ये बात आज राज्य विधानसभा में आईपीएस मीट के शुभारंभ अवसरपर कही. उन्होंने कहा कि कट्टरवाद से निपटने के लिए उदारता के साथ सोचना होगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह की गतिविधियां चल रही है, वे चिंता का विषय हैं.उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को आज दुरुपयोग हो रहा है. कई बार सोशल मीडिया पर वह हो जाता है जो आपने किया ही नहीं है.पुलिस के साथ रोजाना होता है, बाद में सफाई देते रहे. उन्होंने कहा कि हमारी सर्विस को नौकरी नहीं कह सकते, 24 घंटे डटे रहो. आलोचना करना आसान है,मेरी अंतरआत्मा पुलिस के साथ खड़ी रहती है, जो त्योहार भी नहीं मानते. उन्होंने कहा कि आज कितने आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने सीने पर गोली खाई है. उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार के लिए अवसर निकालना चाहिए.निष्पक्ष रहकर काम करने की जरुरत है. उन्होंने पुलिस के तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस को जब भी जो काम सौंपा, वह उसने किया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदेश से डकैतों का, सिमी का सफाया किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अफसर हमेशा उत्साह से भरे रहें. सर्विस मीट में हल्के होकर मिले, टेंशन से दूर रहें.
पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि आज भी पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद की कमी है. कई बार ऐसे अवसर आते हैं, जब पुलिस को अपमानजनक स्थिति का सामना भी करना पड़ता है. हमारी समाज से अपेक्षा है कि वह हमारे साथ हाथ से हाथ थामकर सहयोग करे.
सोशल मीडिया बड़ी चुनौती
मीट को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने कहा कि जैसा माहौल होता है, वैसी ही चुनौती भी होती है.पुलिस को उसी के अनुरुप काम करना पड़ता है. हमारे सामने सोशल मीडिया सबसे बड़ी चुनौती है, यह दो धारी तलवार के समान है.गड़बड़ी फैलाने में भी अब यह अहम भूमिका का निर्वाह कर रही है.उन्होंने कहा कि आरटीआई का भी स्वरुप बिगड़ा है.इस मीट में अधिकारी सुशासन पर चर्चा करें और प्रदेश को बेहतर बनाने का प्रयास करें.

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