शुक्रवार, 19 जनवरी 2018

पुरस्कार पा रही मध्यप्रदेश सरकार, मर रहा उत्पादक

राजधानी में आयोजित किसान मुक्ति सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे किसान समर्थक नेताओं कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है. प्रदेश की सरकार पुरस्कार पा रही है, मगर उत्पादक मर रहा है. उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसमें किसानों को उनकी उपज का सही दाम ही नहीं मिल पाए. सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, सांसद राजू शेट्टी, पूर्व विधायक डाक्टर सुनील व वीएम सिंह ने कहा कि यह बात सही है कि कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश मॉडल बन रहा है, यह राज्य उत्पादन के लिए कई कृषि कर्मण पुरस्कार पा चुका है, मगर उत्पादक मरता रहे, इसकी उसे चिंता नहीं है. किसानों की समस्या से न निपटने का भी यह राज्य मॉडल बन रहा है. इतना ही नहीं, यह राज्य एक ऐसा माडल भी बना रहा है, जिसमें किसानों को उचित दाम ही न मिले. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेने आए यादव ने देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली से आग्रह किया कि वे किसानों के लिए मध्यप्रदेश जैसा मॉडल न बनाएं. ऐसा हुआ तो किसानों का बड़ा अहित हो जाएगा. भावांतर योजना उसका उदाहरण है. यह योजना किसान नहीं व्यापारियों के लिए है. यादव व सांसद राजू शेट्टी ने मध्यप्रदेश की भावांतर भुगतान योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐसी योजना है, जिसमें किसान का हित नहीं है, बल्कि व्यापारी को फायदा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस दिन यह योजना घोषित की, उसी दिन उपज के दाम काफी गिर गए। सरकार ने मॉडल रेट तय किया, मगर किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि उपज उतने दाम में नहीं बिकी, जितने में योजना से पहले बिक रही थी. योजना खत्म होते ही उपज के दाम बढ़ गए.
किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की तमाम सरकारें किसान विरोधी रही हैं, इसमें देश और प्रदेश दोनों की सरकारें शामिल हैं. आज की मोदी सरकार देश के इतिहास की सबसे घोर किसान विरोधी सरकार है, इसका आशय यह नहीं है कि अन्य सरकारें किसान हितैषी रही हैं. किसानों को निराश करने में इस सरकार ने मगर सारे रिकार्ड तोड़ दिए.











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