आध्यात्मिक शहर बनेगा औंकारेश्वरमुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि ओंकारेश्वर एक अद्भुत आध्यात्मिक शहर के रूप में बन कर उभरेगा और इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार व्यवस्थाएं करेगी. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ओंकारेश्वर में एक आॅडियो-वीडियो केंद्र भी बनाया जाएगा, जिसमें व्यक्ति ब्रह्मांड और आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव कर सकेगा.
आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा के लिए धातु संकलन के लिए निकली एकात्म यात्रा का आज औंकारेश्वर में समापन कार्यक्रम हुआ. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी अवधेशानंद महाराज, सद्गुरु जग्गी वासुदेव, भैयाजी जोशी और अन्य साधु-संत मौजूद थे. अतिथियों ने प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन किया. ये प्रतिमा ओंकार पर्वत पर स्थापित होगी. इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नैतिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है, क्योंकि देश-दुनिया में कई घटनाएं ऐसी हो रही हैं जो सोचने पर विवश कर रही हैं. बच्चे अपराध कर रहे हैं, बेटियां दुराचार का शिकार हो रही हैं. ऐसे में नैतिक जागरण बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि बेटियों को हम देवियां मानते हैं लेकिन कुछ नराधम ऐसे भी हैं जो दुराचार करते हैं. ऐसे नरपिशाचों के लिए फांसी की सजा का मध्यप्रदेश ने कानून बनाया है. इसलिए कानून के साथ नैतिक पुनर्जागरण भी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य एकता न्यास के तहत चार पुनर्जागरण के केंद्र बनेंगे, जिसमें आध्यात्मिक, नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए काम होंगे. मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि ओंकारेश्वर एक अद्भुत आध्यात्मिक शहर के रूप में बन कर उभरेगा और इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार व्यवस्थाएं करेगी. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ओंकारेश्वर में एक आॅडियो-वीडियो केंद्र भी बनाया जाएगा, जिसमें व्यक्ति ब्रह्मांड और आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव कर सकेगा. आदिगुरू शंकराचार्य की मूर्ति की स्थापना के साथ ही ओंकारेश्वर में संग्राहलय एवं अद्वैत वेदान्त शोध संस्थान की स्थापना करने की भी घोषणा की. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने आदि गुरु शंकराचार्य के जीवन, उनके संदेशों के बारे में भी जानकारी दी.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें