![]() |
| गोपाल भार्गव |
मंत्रालय में आज हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसले लिए गए. बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि स्मार्टफोन योजना के तहत बेहतर गुणवत्ता के फोन या टेबलेट जो भी दिए जा सकते हैं वो दिए जाएंगे. सरकार ने इसके लिए 154 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की. गौरतलब है कि सरकार कालेज में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्रों को स्मार्टफोन देती है. बैठक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) की सेवाएं भी साल 2018 तक जारी रखने का अहम फैसला हुआ. बैठक में ये तय किया गया कि जितना काम उतना दाम के आधार पर ही कंपनी को भुगतान होगा. इसके अलावा सरकार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में संविदा पर काम कर रहे करीब 1000 तकनीशियनों के मानदेय बढ़ाने का भी फैसला किया. इसे 65 से बढ़ाकर 75 रुपए प्रति हैंडपंप कर दिया गया है। एक माह में 120 हैंडपंप सुधारने तक भुगतान होगा. भार्गव ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के छात्रों को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति भी साल 2020 तक दी जाती रहेगी. सरकार ने इसमें आय सीमा 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रुपए कर दी है. ढ़ाई लाख रूपए तक की आय सीमा पर केंद्र सरकार से राशि मिलेगी, जबकि उससे अधिक पर जो खर्च होगा वह राज्य सरकार वहन करेगी. सरकार के इस फैसले से करीब पौने 8 लाख छात्रों को फायदा होगा. इसके लिए 266 करोड़ों रुपए की स्वीकृति दी गई. उन्होंने बताया कि सहारिया बैगा और भारिया जनजाति के परिवारों को एक हजार रुपए महीना आर्थिक सहायता देने का भी फैसला किया है. ये राशि ऐसे परिवारों की महिला मुखिया के खाते में जमा कराई जाएगी. इससे करीब ढ़ाई लाख परिवार लाभांवित होंगे. सरकार की मंशा है कि इससे कुपोषण रोकने में मदद मिलेगी. इसके अलावा बैठक में पर्यावरण विभाग में 12 नये पदों पर सहमति जताई है.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें