पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा सपाक्स समाज संगठन अब राजनीतिक संगठन बन गया है, जो आगामी विधानसभा चुनाव में 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगा.
संगठन की ओर से यह घोषणा संगठन के संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने की. उन्होंने अनारक्षित वर्ग के सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधियों पर हमला भी बोला. उनका कहना था कि आरक्षित वर्ग के सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि अपने समाज के हितों के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं. वहीं अनारक्षित समाज के सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि दब्बू और डरपोक है. उन्हें समाज के हितों की चिंता नहीं हैं. अब ऐसे जनप्रतिनिधियों को जाग्रत करने व साथ न देने वाले को सबक सिखाने की जरूरत . त्रिवेदी ने कहा कि उनका संगठन चुनाव में समान विचारधारा के संगठनों से तालमेल करेगा. उन्होंने 2030 तक आरक्षण मुक्त भारत बनाने की घोषणा भी की. राजनीतिक घोषणा करने के पहले सपाक्स संस्था का सम्मेलन हुआ. सम्मेलन मेंं संस्था के संरक्षक राजीव शर्मा, अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों हिस्सा लिया. संरक्षक राजीव शर्मा ने कहा कि केवल न्यायालीन निर्णय से काम नहीं चलेगा. पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को प्रभावित करने की जरूरत है.
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